PM मोदी ने कोरोना संकट में बाहर से घर लौटे मजदूरों से कांफ्रेसिंग के जरिये किया संवाद

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोरखपुर के पाली निवासी प्रवासी कामगार नागेंद्र सिंह से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये संवाद किया। प्रधानमंत्री ने नागेंद्र से कहा,  आपने आफत को अवसर में बदल दिया है। आपसे सभी को सीखना चाहिए। प्रधानमंत्री ने पूछा कि कहां काम करते थे, नागेंद्र ने बताया कि अहमदाबाद में स्टील के बर्तन बनाने वाली फैक्ट्री में काम करता था। प्रधानमंत्री ने पूछा कि घर क्यों आए। नागेंद्र ने कहा कि बीमारी फैल जाने के कारण घर आ गए। फैक्ट्री भी बन्द हो गई।

मोदी ने कहा, मां की याद आ रही होगी

नागेंद्र के जवाब में प्रधानमंत्री ने जोड़ा कि मां की भी याद आ रही होगी। घर के लोगों की चिंता होने लगी होगी। प्रधानमंत्री का अगला सवाल था कि यहां कैसे आए, नागेंद्र ने बताया कि श्रमिक स्पेशल से आए।  प्रधानमंत्री ने  पूछा कि यहां क्या कर रहे हैं,  नागेंद्र ने बताया कि बैंक ऑफ बड़ौदा से लोन कराया है। आसानी से एक लाख रुपये का लोन मिल गया। उस पैसे से भैंस खरीदी है। प्रधानमंत्री का अगला सवाल था कि भैस कितना दूध देती है, नागेंद्र ने बताया कि 10 लीटर और रोजाना करीब 300 से 400 रुपए कमा लेते हैं। प्रधानमंत्री ने पूछा कि अहमदाबाद में कितना कमाते थे, नागेंद्र ने बताया कि वहां  आठ हजार रुपये कमा पाते थे। प्रधानमंत्री ने कहा है , तब तो बहुत अच्छा है। कोरोना आपके लिए सौभाग्य लेकर आया। आप घर में बाहर से ज्यादा कमा रहे हैं। आपने आफत को अवसर में बदल दिया। आपसे सभी को सीखना चाहिए। सभी सरकारों को सीखना चाहिए। हमें आपदा से घबराने की जगह उसे अवसर में बदलना चाहिए।

सिद्धार्थनगर के कुर्बान अली से पीएम ने पूछा- रमजान कैसा बीता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिद्धार्थनगर के सदर तहसील के कोड़राग्रांट गांव के प्रवासी कामगार कुर्बान अली से भी संवाद किया। लगभग तीन मिनट की बातचीत में प्रधानमंत्री ने पूछा, कोरोना संक्रमण व लॉकडाउन के दौरान रमजान कैसा बीता।  कुर्बान अली ने बताया कि वह मुंबई में राजमिस्त्री का काम करता था। लॉकडाउन के बाद किसी तरह प्राइवेट बस से छोटे भाई के साथ गांव पहुंचा। यहां आने के बाद उसे राशन किट दिया गया और एक हजार रुपये। इससे उसे कोई दिक्कत नहीं हुई। रमजान ठीक से बीता। कोई परेशानी नहीं हुई। यहां गाँव में सामुदायिक शौचालय बनाया जा रहा है। जिसमें मैं राजमिस्त्री का काम कर रहा हूँ। छोटे भाई को भी काम मिला है।  पिता व हम सभी पांच भाई राजमिस्त्री का काम करते हैं। यहां काम मनरेगा में चल रहा है। कुर्बान ने कहा कि प्रधानमंत्री से बात कर बहुत ही अच्छा लगा। यह मेरे लिए सौभाग्य का क्षण है।

संतकबीर नगर के दो लाथार्थियों से की बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संत कबीरनगर के दो लाभार्थियों से रुबरू हुए। एक जनपद-एक उत्पाद (ओडी-ओपी) वित्त पोषण योजना से होजरी उद्योग लगाने के लिए सेंट्रल बैंक आफ इंडिया शाखा खलीलाबाद से 11 लाख रुपये का कर्ज पाने वाले नाथनगर ब्लाक के नाथनगर कस्बा के निवासी 38 वर्षीय रामचंदर वर्मा को प्रधानमंत्री का सरल व्‍यवहार प्रभावित कर गया। इसके अलावा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत बेकरी उद्योग लगाने के लिए सेंट्रल बैंक आफ इंडिया से 25 लाख रुपये कर्ज पाने वाले खलीलाबाद ब्लाक के दुघरा गांव के निवासी अमरेंद्र कुमार राय पीएम के बताए रास्‍ते पर चलकर देश की प्रगति में याेगदान करने का संकल्‍प लिया। कलेक्ट्रेट के एनआइसी में लाभार्थियों के साथ डीएम रवीश गुप्त, एडीएम संजय कुमार पाण्डेय, उपायुक्त-उद्योग रवि कुमार शर्मा व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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