
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक (DG) शत्रुजीत कपूर ने एक बड़ा खुलासा करते हुए आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि अरुणाचल प्रदेश सीमा पर भारतीय और चीनी (PLA) सैनिकों के बीच कई स्थानों पर आमने-सामने (Face-offs) की स्थिति लगातार बनी हुई है।
यह पहली बार है जब किसी शीर्ष अधिकारी ने अरुणाचल सीमा पर पिछले कुछ महीनों से चल रहे भारी तनाव और झड़पों को खुले तौर पर स्वीकार किया है। राजस्थान के अलवर में आयोजित एक सम्मान समारोह में कपूर ने बताया कि जुलाई से जारी इन तनावपूर्ण स्थितियों के बीच ITBP के नवगठित ‘शौर्य कमांडो’ ने बेहतरीन और अनुकरणीय प्रदर्शन किया है।
ITBP की तैयारियां: ड्रोन प्लाटून और भूमिगत बंकर चीन के मोर्चे को सबसे “कठिन और चुनौतीपूर्ण” मानते हुए ITBP प्रमुख ने बल की अत्याधुनिक तैयारियों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि गलवान घाटी जैसी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए जवानों को विशेष कॉम्बैट (लड़ाकू) ट्रेनिंग दी जा रही है।
हाई-एल्टीट्यूड (अधिक ऊंचाई) वाले युद्ध के लिए विशेष रूप से तैयार ‘शौर्य कमांडो’ मोर्चे पर तैनात हैं। इसके अलावा, सीमावर्ती इकाइयों में ड्रोन प्लाटून बनाए गए हैं और दुश्मन की नजर से बचने व रणनीतिक बढ़त बनाए रखने के लिए बड़े पैमाने पर भूमिगत बंकरों (Underground infrastructure) का निर्माण किया जा रहा है।
सियासी बवाल: कांग्रेस ने पीएम मोदी की ‘चुप्पी’ पर उठाए सवाल ITBP महानिदेशक के इस बयान के बाद देश का सियासी पारा भी काफी चढ़ गया है और विपक्षी दलों को सरकार पर हमला करने का बड़ा मौका मिल गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की ‘चुप्पी’ पर कड़े सवाल उठाए हैं।
‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक तीखी पोस्ट में रमेश ने कहा कि जब ITBP प्रमुख खुद अरुणाचल में चीनी सेना के साथ हो रही झड़पों की पुष्टि कर रहे हैं, तब इस गंभीर मुद्दे पर प्रधानमंत्री की “चुप्पी” हैरान करने वाली है।
कांग्रेस ने सितंबर में हुई कोर कमांडर-स्तरीय वार्ता के नतीजों पर भी सवाल खड़े किए। जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि चीन न केवल अरुणाचल प्रदेश में भारतीय कस्बों के नाम बदल रहा है, बल्कि 60,000 मेगावाट का एक विशाल बांध भी बना रहा है, जो भारत की पारिस्थितिकी और जल सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है।
पृष्ठभूमि और पुराने दावे गौरतलब है कि इसी साल जुलाई में पीपल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (PPA) की एक तथ्य-अन्वेषी टीम ने दावा किया था कि चीनी सेना तकसिंग (Taksing) इलाके में भारतीय गश्ती दलों को तय पट्रोलिंग पॉइंट्स पर जाने से रोक रही है।
हालांकि, तब भाजपा नीत सरकार ने इन दावों को खारिज कर दिया था। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने हाल ही में भारत के कब्जे वाले क्षेत्रों पर चीनी अतिक्रमण से इनकार किया था, लेकिन यह जरूर माना था कि स्थानीय लोगों ने सीमा के पास कुछ चरागाह क्षेत्रों तक पहुंच को लेकर चिंताएं व्यक्त की थीं।



