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UIDAI की नई पहल से निजी सूचनाएं नहीं होंगी उजागर, अभेद्य सुरक्षा से लैस होगा आधार कार्ड

नई दिल्ली| यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआइडीएआइ) ने अब दो तरह के आधार शुरू कर दिए हैैं। पहला आधार मास्क्ड है, दूसरा रेग्युलर। मास्क्ड यानी मास्क चढ़ा हुआ, यानी कुछ चीजें छिपी हुई। इसमें आठ अंक अदृश्य होंगे, सिर्फ चार ही दिखेंगे। इसी कार्ड में 16 अंक वाली वर्चुअल आइडी (वीआइडी) भी दर्ज होगी। यह रूटीन आधार होगा।

UIDAI की नई पहल से निजी सूचनाएं नहीं होंगी उजागर, अभेद्य सुरक्षा से लैस होगा आधार कार्ड

इससे कोई निजी सूचनाएं नहीं ले सकेगा। निजी सूचनाओं से लैस होगा 12 अंक वाला रेग्युलर आधार। इसमें क्यूआर कोड भी रहेगा। कोड स्कैन करके आगे बढ़ेंगे तो पंजीकृत मोबाइल फोन नंबर पर ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) आएगा। इसे देंगे, तभी मास्क्ड आधार में दर्ज सूचनाएं देख सकेंगे या प्रिंट ले पाएंगे। यूआइडीएआइ ने तीन दिन पहले ही यह व्यवस्था लागू की है।

मास्क्ड कार्ड में सिर्फ चार अंक ही दिखेंगे, बाकी आठ होंगे अदृश्य, तीन दिन पहले लागू की व्यवस्था, रिन्यूवल पर मिलेंगे मास्क्ड कार्ड ही, दो तरह के होंगे कार्ड, एक मास्क्ड तो दूसरा रेग्युलर

इस बदलाव की पुष्टि सरकार से आधार कार्ड बनाने का जिम्मा पाये जनसेवा केंद्र (सीएससी) संचालक करते हैैं। 15 जुलाई-17 तक यह काम निजी एजेंसियां देखती थीं, मगर ढेरों गड़बडिय़ां मिलने पर काम छीन लिया गया। हालांकि, पिछले दिनों सरकार ने आधार बनाने का जिम्मा बैंक व पोस्ट ऑफिस को दे दिया है। सीएससी से अब सिर्फ रिन्यूवल हो रहा है। सुरक्षा में सेंध फिर भी खत्म न हुई तो आधार ही दो फार्मेट के लाने पड़े।

सीएससी के जिला प्रभारी विष्णुकांत गुप्ता के मुताबिक तीन दिन पहले ही साफ्टवेयर में नया बदलाव आया है। मास्क्ड आधार में 12 में से शुरू के आठ अंक की जगह क्रॉस लगा दिया गया है। हालांकि, इसे नाम-पिता का नाम या जन्म तिथि के जरिये पहले की तरह कोई भी देख सकेगा। पर, निजी सूचनाएं कतई नहीं दिखेंगी। वहीं, रेग्युलर आधार कार्ड में 12 अंक दिखेंगे। क्यूआर कोड से यह पहले से लैस है।

इसका डाटा देखने के लिए कोड स्कैन के साथ आधार नंबर, धारक का नाम-पिता का नाम, पिन कोड, जन्मतिथि आदि की सटीक जानकारी देनी पड़ेगी। इसके बाद पंजीकृत मोबाइल फोन पर ओटीपी आएगा। इसे फीड करेंगे, तब निजी सूचनाएं देख सकेंगे। सबको अपने मौजूदा आधार कार्ड रिन्यू भी कराने होंगे। नया कार्ड बनवाने या रिन्यू कराने पर वर्चुअल आइडी लिखा मास्क्ड  कार्ड ही मिलेगा। अब कहीं भी आधार नंबर का इस्तेमाल हुआ तो पंजीकृत मोबाइल पर तुरंत मैसेज भी आएगा।

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नए कार्ड हैक-प्रूफ हैैं। सूत्रों के मुताबिक कुछ ब्लैकलिस्टेड आधार ऑपरेटर किट रखे हुए हैं। ये पंजीकृत ऑपरेटर की आइडी लेकर ‘एनी डेस्क सॉफ्टवेयरÓ के जरिये अपनी किट से कार्ड निकाल देते हैं। यह सॉफ्टवेयर पंजीकृत ऑपरेटर का सिस्टम उनके कंप्यूटर से जोड़ देता है।

 

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