
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के गुट द्वारा दायर उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें चार बैंक खातों को संचालित करने की अनुमति मांगी गई थी, जिन्हें डेबिट-फ्रीज कर दिया गया था। जस्टिस एमएम सुंदरेश और पीबी वराले की बेंच ने कहा कि वे कलकत्ता हाई कोर्ट के उस आदेश में हस्तक्षेप करने के इच्छुक नहीं हैं, जिसमें याचिका को स्वीकार करने से इनकार कर दिया गया था।
अदालत ने क्या कहा?
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट को इस मामले का शीघ्र निपटारा करने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने गौर किया कि चुनाव आयोग ने पार्टी के चिन्ह को फ्रीज कर दिया है, जबकि चार बैंक खातों में जमा धनराशि पर किसका अधिकार है, यह बड़ा सवाल अभी भी विचाराधीन है। बेंच ने कहा, “हम मामले की खूबियों पर विचार नहीं करेंगे। हम अनुच्छेद 136 के तहत अपने अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करने के इच्छुक नहीं हैं। हम उच्च न्यायालय से सुनवाई में तेजी लाने का अनुरोध करते हैं।



