
राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने NEET-UG परीक्षा पेपर लीक मामले में मनीषा वाघमारे की जमानत याचिका पर अपना फैसला 9 जून के लिए सुरक्षित रख लिया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए उन्हें “साजिशकर्ता” बताया है, जिन्होंने कथित तौर पर लीक हुए परीक्षा पेपर को प्राप्त किया और उसे आगे वितरित किया। NEET-UG परीक्षा के पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किए गए वाघमारे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
जमानत याचिका का विरोध करते हुए सीबीआई ने कहा कि वाघमारे ने इसमें अहम भूमिका निभाई है, क्योंकि वह लीक हुए परीक्षा प्रश्नपत्र को हासिल करने और प्रसारित करने की साजिश में शामिल है और कथित तौर पर छात्रों से प्रश्नपत्र तक पहुंच प्रदान करने के बदले पैसे लेती है। सीबीआई ने कहा, “हमारे पास छात्रों के बयान हैं जिन्होंने कहा है कि वे प्रश्नपत्रों के लिए पैसे देते हैं।



