
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र अंतर्गत फतेहगंज में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। एक रिटायर फौजी ने गुस्से में आकर एक बेजुबान कुत्ते को अपनी लाइसेंसी राइफल से गोली मार दी, जिससे कुत्ते की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, फौजी के बच्चे को इसी कुत्ते ने काट लिया था और उसके कपड़े फाड़ दिए थे। इस बात से आगबबूला होकर फौजी ने बिना किसी सोच-विचार के कुत्ते पर गोली चला दी। यह क्रूर कृत्य इतना अमानवीय था कि इलाके के लोग स्तब्ध रह गए।
इलाके में भारी गुस्सा:
स्थानीय निवासियों ने फौजी के इस कदम को अत्यधिक क्रूर बताते हुए निंदा की है। उनका कहना है कि ऐसी घटनाएं न केवल जानवरों के साथ अन्याय करती हैं, बल्कि समाज में हिंसा और क्रूरता की मानसिकता को बढ़ावा देती हैं। लोग इसे पशु क्रूरता का स्पष्ट उदाहरण मान रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि आरोपी के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 (Prevention of Cruelty to Animals Act) के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।
यह घटना न सिर्फ एक बेजुबान प्राणी के साथ क्रूरता को उजागर करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि गुस्से में लिए गए फैसले कितने खतरनाक हो सकते हैं। पशु प्रेमी और सामाजिक संगठनों का कहना है कि ऐसे मामलों में जागरूकता और सख्त कानूनी कार्रवाई की जरूरत है ताकि जानवरों की सुरक्षा सुनिश्चित हो और समाज में संवेदनशीलता बढ़े।
पुलिस ने मामले की शिकायत मिलने पर जांच शुरू कर दी है। आरोपी रिटायर फौजी के खिलाफ उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज होने की संभावना है।





