Thursday , October 19 2017

माइग्रेन से पीड़ित महिलाओं के लिए हार्मोन थेरेपी सुरक्षित

माइग्रेन से पीड़ितहार्मोन थेरेपी रजोनिवृत्ति के लक्षणों का इलाज कराने वाली माइग्रेन से पीड़ित महिलाओं के लिए सुरक्षित है। माइग्रेन अलग-अलग तीव्रता का सिरदर्द होता है, जिससे पीड़ित व्यक्ति को अक्सर मितली और प्रकाश और ध्वनि के प्रति संवेदनशीलता की शिकायत रहती है।

यह भी पढ़ें:- अमीरों को न हो ‘दर्द’ इसलिए गरीब से छूट रहीं सांसे

एक्सोजीनस एस्ट्रोजन का एक साथ उपयोग और माइग्रेन पीड़ित महिलाओं में स्ट्रोक होने का खतरा बढ़ने के कारण माइग्रेन से ग्रस्त मरीजों को हार्मोन थेरेपी के सेवन की सलाह नहीं दी जाती है।

अमेरिका में थॉमस जेफरसन यूनिवर्सिटी से पीटर एफ. शैंटैज ने कहा, “यह अध्ययन हार्मोन थेरेपी के सुरक्षित उपयोग के बारे में जानकारी को स्पष्ट करता है, खासकर 60 साल की कम उम्र की महिलाओं में जो रजनोनिवृत्ति के आसपास की उम्र की हैं।”

न्यूयार्क के एल्बर्ट आइंस्टीन कॉलेज ऑफ मेडिसिन से जेलेना पावलोविक ने कहा, “चूंकि माइग्रेन प्रत्येक चार महिलाओं में से एक महिला को प्रभावित करता है और इन्हें अक्सर हार्मोन थेरेपी से बचने की सलाह दी जाती है, इसलिए यह नए निष्कर्ष सार्वजनिक स्वास्थ्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकते हैं।”

यह भी पढ़ें:-भारत के शहरों में 20 फीसदी से कम बच्चे खाते हैं रोजाना फल : सर्वेक्षण

इस शोध के लिए अध्ययनकर्ताओं ने 67,903 प्रतिभागियों का आकलन किया था, जिनका माइग्रेन, हृदय रोग के लक्षणों के बीच संबंध और हार्मोन थेरेपी के इस्तेमाल का जुड़ाव रहा था।

=>
LIVE TV