हाई वोल्टेज ड्रामे में घिरी ‘विधानसभा’, विधायकों को सता रहा भूतों का डर!

जयपुर। अक्सर भूत-प्रेत और आत्माओं का जिक्र लोगों के मुंह से सुनने को मिल जाता है। लेकिन उनकी मौजूदगी कितनी सत्य है, यह एक बड़ा प्रश्न अभी भी लोगों के दिल और दिमाग पर छाया रहता है। हालांकि हमेशा से विद्वान इसे महज एक कहानी करार देते हुए भूत-प्रेत जैसी चीजों के अस्तित्व को नकारते रहते हैं। वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो विश्वास करते हैं कि ऐसी चीजों का अस्तित्व है। वहीं बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक इस मुद्दे को कैश करता रहा हैं।

ऐसा ही एक मामला हकीकत बनकर राजस्थान विधानसभा में गूंजा। कुछ लोगों ने इसे गंभीरता से लिया तो कुछ के द्वारा इस बात का मजाक उड़ाया गया। बता दें इस मामले को उछालने का श्रेय विधानसभा में बैठने वाले विधायकों को जाता है।

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विधानसभा में भूत

खबरों के मुताबिक़ शुरुआत दोपहर करीब डेढ़ बजे हुई। सदन के बाहर मुख्य सचेतक कालूलाल गुर्जर और नागौर से बीजेपी विधायक हबीबुर्रहमान अशरफी ने मीडिया से कहा- विधानसभा में बुरी आत्माओं का साया है।

उन्होंने कहा तभी तो आज तक सदन में 200 विधायक एक साथ नहीं रहे। कभी किसी की मौत हो जाती है, कभी किसी को जेल हो जाती है। उनका कहना है कि आत्माओं की शांति के लिए हवन और पंडितों को भोजन कराने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद ही गंभीर है। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री को भी दी जा चुकी है। साथ ही कई सुझाव भी दिए गए हैं।

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बता दें विधायकों द्वारा फैलाया गया यह अंधविश्वास सदन में गूंजने लगा। अनुदान मांगों के जवाब के बीच कांग्रेस के धीरज गुर्जर ने यह मसला उठाया। कहा- आपके सचेतक और विधायक अंधविश्वास फैला रहे हैं।

बात बढ़ती गई और कमेटी से भूत-प्रेतों की जांच कराने तक पहुंच गई। इस दौरान कभी ठहाके लगे तो कभी भूत-प्रेत की बातों को सिरे से खारिज भी किया गया।

बता दें कि नाथद्वारा से बीजेपी के विधायक कल्याण सिंह के देहांत के एक दिन बाद ही बीजेपी विधायकों का यह बयान सामने आया है।

इस बारे में मुख्य सचेतक कालूलाल गुर्जर ने कहा, “जहां विधानसभा है, वहां श्मशान था। मृत बच्चे दफनाए जाते थे। हो सकता है कि कोई आत्मा हो, जिसे शांति न मिली हो। वह नुकसान पहुंचा रही हो। इसीलिए सदन में कभी एकसाथ 200 विधायक नहीं रहे। सीएम के सामने बात रखी है, हवन कराने को कहा है।”

वहीं बीजेपी विधायक हबीबुर्रहमान अशरफी ने कहा, “भारतीय संस्कृति में ऐसी मान्यता है कि श्मशान भूमि पर भवन नहीं होना चाहिए। ऐसे में विधानसभा के मामले में क्यों नहीं माना जा सकता। क्या कारण है कि कभी एक साथ 200 विधायक नहीं बैठे। मैंने भी सीएम से इस बात को कहा है।”

मामले में कांग्रेस के धीरज गुर्जर ने अनुदान मांगों की बहस के दौरान पॉइंट ऑफ इंफर्मेशन के जरिये मामला उठाया।

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धीरज गुर्जर ने कहा कि बीजेपी विधायक व सचेतक कालूलाल अंधविश्वास फैला रहे हैं। उनके बयानों से प्रदेशभर में हड़कंप मचा है।

सभापति घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि मानव शरीर पंचमहाभूतों से बना है, इसलिए भूतों की चर्चा न करें। अध्यक्ष सुमित्रा सिंह के कार्यकाल में वास्तुदोष दूर करने के नाम पर उत्तर दिशा में बोरवेल खुदवाया था।

वहीं गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा, “मंत्रीजी आप जल्दी जवाब दीजिए। आपके मुख्य सचेतक ने विधानसभा में भूत-प्रेत बताए हैं।”

राजेंद्र राठौड़ ने कहा, “मैं भूत-प्रेत की बातों को सिरे से खारिज करता हूं, लेकिन उपाध्यक्ष महोदय अगर आप चाहे तो जांच कमेटी बना सकते हैं। कमेटी जांच करे कि यहां कितने भूत-प्रेत और आत्माएं हैं, मेरे अलावा किसी को भी कमेटी का सदस्य बना सकते हैं।”

उधर लालू यादव के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने गुरुवार को कहा, “मैंने पिछले हफ्ते ही सरकारी आवास छोड़ दिया, क्योंकि सीएम नीतीश ने इसमें भूत छोड़ दिए थे।”

(साभार : दैनिक भाष्कर)

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