उत्तराखंड

उत्तराखंड विश्वविद्यालयों में विदेशी भाषाओं की पढ़ाई पर जोर, राष्ट्रीय रैंकिंग में सुधार के लिए NEP का प्रभावी क्रियान्वयन

उत्तराखंड सरकार राज्य के विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों की राष्ट्रीय रैंकिंग सुधारने पर विशेष ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री सचिव आनंद बर्धन ने सभी संस्थान प्रमुखों और कुलपतियों को निर्देश दिए हैं कि वे आने वाले दिनों में अपने संस्थानों की रैंकिंग ऊंची करने के लिए प्रयास करें।

उच्च स्तरीय बैठक में कुलपतियों और शैक्षणिक संस्थान प्रमुखों से संवाद करते हुए आनंद बर्धन ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) पर फोकस करते हुए NAAC और NIRF रैंकिंग में उच्च ग्रेडेशन हासिल करने का निर्देश दिया। उन्होंने राज्य की विश्वविद्यालयों के कार्यकरण की समीक्षा की और उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की।

मुख्य सचिव ने सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों-कॉलेजों के कुलपतियों तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मानकों के अनुसार कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी विश्वविद्यालय NEP के अनुरूप 5 वर्षीय योजनाएं तैयार करें। NAAC एवं NIRF प्रत्यायन प्राप्त करने तथा देश में उच्च रैंकिंग हासिल करने पर विशेष ध्यान दें।

बर्धन ने कुलपतियों से आग्रह किया कि वे शॉर्ट-टर्म, मीडियम-टर्म और लॉन्ग-टर्म प्लान तैयार करें। राज्य के सभी 11 सरकारी विश्वविद्यालयों की राष्ट्रीय रैंकिंग सुधारने के लिए मूल्यांकन और सुधार तंत्र विकसित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि अगले 8-10 दिनों में सरकारी और सहायता प्राप्त कॉलेजों के लिए राज्य स्तरीय रैंकिंग पैरामीटर तय किए जाएं।

विदेशी भाषाओं की पढ़ाई पर विशेष जोर देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि विश्वविद्यालयों में नियमित पाठ्यक्रमों के साथ फॉरेन लैंग्वेज कोर्सेस को एकीकृत किया जाए। साथ ही इंटर्नशिप कार्यक्रमों को कोर्सेस के साथ जोड़ा जाए तथा उद्योगों, एनजीओ और सिविल सोसायटी के साथ सहयोग बढ़ाया जाए ताकि छात्रों को वैश्विक स्तर की शिक्षा और स्किल्स मिल सकें।

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