
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि उन्हें विश्वास नहीं है कि भारत और ईरान व्यापार समझौते के बारे में बात कर रहे हैं, हालांकि उन्होंने अमेरिका के साथ चल रहे संघर्ष के बीच इस्लामिक गणराज्य की मदद करने के खिलाफ देशों को चेतावनी भी दी। रुबियो की ये टिप्पणियां तब आईं, जब उनसे किर्गिस्तान के बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन के साथ हुई मुलाकात के बारे में पूछा गया।
रुबियो ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि भारत और ईरान के बीच कोई व्यापार समझौता है। ज़ाहिर है, सभी देश अपनी-अपनी विदेश नीति बनाते हैं और दुनिया भर के कई देश ईरानी शासन से बातचीत करते हैं। मेरा मतलब है, हमने ईरानी शासन के कुछ तत्वों से भी मुलाकात की है, कुछ बातचीत हुई हैं और उनसे संपर्क भी हुआ है। हालांकि, रुबियो ने दोहराया कि किसी भी देश को अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों से ईरान को बचाने में मदद करने की अनुमति नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई देश ईरान की मदद करते हुए पाया जाता है, तो उस पर भी प्रतिबंध लगाए जाएंगे।



