उत्तराखंड

उत्तराखंड में विकास कार्यों को मिली नई रफ्तार: सीएम धामी ने 26 परियोजनाओं के लिए 22.15 करोड़ रुपये की दी मंजूरी

उत्तराखंड राज्य के समग्र विकास को गति देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश भर में 26 विभिन्न विकास और निर्माण कार्यों के लिए 22.15 करोड़ रुपये की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है।

इन स्वीकृत परियोजनाओं के तहत राज्य के अलग-अलग हिस्सों में सड़क और नालियों का निर्माण, भूस्खलन व आपदा से बचाव के लिए सुरक्षात्मक कार्य, फेंसिंग (बाड़ लगाना), और धार्मिक स्थलों व मेलों के आयोजन स्थलों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में पेयजल और बिजली से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए हैंडपंप लगाने और विद्युतीकरण के कार्य भी प्रमुखता से संपन्न किए जाएंगे।

इन विकास परियोजनाओं में स्वीकृत धनराशि का एक बड़ा हिस्सा राजधानी देहरादून जिले की मसूरी विधानसभा सीट के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों के लिए आवंटित किया गया है। यहां कुल 8.96 करोड़ रुपये की लागत से आंतरिक सड़कों, नालियों और सुरक्षा दीवारों का निर्माण कार्य किया जाएगा।

इन विकास कार्यों से मुख्य रूप से अर्केडिया के मिट्ठी बेहड़ी, कैनाल रोड जाखन, मालसी, नागेश्वर, संजय विहार, टपकेश्वर, राजपुर रोड, दून विहार, डोभालवाला, घोरनखास, किशन नगर और विजय कॉलोनी जैसे प्रमुख इलाकों की सूरत बदलेगी और स्थानीय लोगों को जलभराव व टूटी सड़कों की समस्या से निजात मिलेगी।

राज्य के पर्वतीय जिलों में भी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने पर विशेष ध्यान दिया गया है। सीमांत जिले पिथौरागढ़ में लगभग 3.44 करोड़ रुपये की लागत से चार प्रमुख परियोजनाओं को मंजूरी मिली है, जिनमें लीमा टोडा और ऊपर टोला में सीमेंट कंक्रीट की सड़कें, घाटघोर गढ़ी में नौलिंग मेला स्थल का विकास और खोलीमाली कन्यूरी में सड़क, पुलिया व सुरक्षा कार्य शामिल हैं।

वहीं, अल्मोड़ा जिले के ताकुला में खेती को जंगली सुअरों से बचाने के लिए 45.63 लाख रुपये से फेंसिंग लगाई जाएगी और डन्या के पास स्थित सिद्धेश्वर मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए 97.08 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा चंपावत में भालेश्वर मंदिर, दो अन्य मेला स्थलों और ठांटा में ऐतिहासिक दूधधारी भगवती मेला स्थल का विकास किया जाएगा। टिहरी गढ़वाल में भी चौकी महादेव शिव मंदिर के भव्य सौंदर्यीकरण के लिए 67.87 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।

मैदानी और तराई क्षेत्रों में पेयजल तथा बिजली की आपूर्ति को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से हरिद्वार और पौड़ी गढ़वाल जिलों के लिए भी अहम फैसले लिए गए हैं। हरिद्वार जिले की झबरेड़ा और लक्सर विधानसभा सीटों के ग्रामीण इलाकों में 100 नए हैंडपंप लगाने के लिए 2.22 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, ताकि ग्रामीणों को सुगमता से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके। वहीं, पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार में 3.44 करोड़ रुपये की लागत से स्ट्रीट लाइट के बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जाएगा, जिसमें बिजली के खंभे लगाना, लाइनों का निर्माण और शिफ्टिंग जैसे कार्य शामिल हैं।

इन सभी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की मंजूरी देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि राज्य के हर हिस्से, विशेषकर दूरस्थ और दुर्गम इलाकों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि सभी विकास कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ तय समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं, ताकि आम जनता को जल्द से जल्द इन बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिल सके।

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