
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 2 नवंबर को खटीमा के लोहियाहेड हेलीपैड पर स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को जन शिकायतों का प्राथमिकता और समयबद्ध तरीके से निस्तारण करने के सख्त निर्देश दिए।
सीएम ने ‘सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि’ के सिद्धांत पर आधारित अपनी सरकार के प्रशासनिक दृष्टिकोण को दोहराते हुए अधिकारियों से कहा कि जन-सुविधाओं के वितरण में कोई भी विभागीय या प्रक्रियात्मक बाधा नहीं आनी चाहिए।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ चल रही विकास परियोजनाओं और क्षेत्र के बुनियादी ढांचे की जरूरतों पर भी चर्चा की। उन्होंने सभी को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार क्षेत्रीय विकास को गति देने और जनकल्याण के लिए नागरिक सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
इससे पहले इसी दिन, सीएम धामी ने खटीमा दौरे के दौरान अपने पैतृक गांव नगला तराई में नवनिर्मित ‘मॉडल प्राइमरी स्कूल’ का उद्घाटन किया। इस आधुनिक शिक्षण सुविधा को स्थानीय समुदाय को समर्पित करते हुए मुख्यमंत्री भावुक नजर आए और उन्होंने बताया कि उनकी अपनी प्रारंभिक शिक्षा इसी स्कूल में हुई थी।
भारत-नेपाल सीमा पर स्थित नगला तराई को भारत का “पहला गांव” बताते हुए मुख्यमंत्री ने शिक्षा को युवाओं के भविष्य के लिए सबसे जरूरी बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार का मुख्य लक्ष्य उत्तराखंड के हर कोने, विशेषकर सीमांत और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को आधुनिक शिक्षा और विश्वस्तरीय सीखने का माहौल उपलब्ध कराना है, ताकि वे हर क्षेत्र में समान अवसरों का लाभ उठा सकें।



