
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चार धाम तीर्थयात्रियों की सुरक्षा उत्तराखंड सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए चारों तीर्थ स्थलों और तीर्थयात्रा मार्ग पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कर ली गई हैं। यात्रा सुचारू रूप से चल रही है, हालांकि मौसम बिगड़ने पर इसमें कुछ नियम बदलाव किए जाते हैं। तीर्थयात्रा से जुड़े सभी जिलों के जिला मजिस्ट्रेट भी व्यवस्थाओं पर कड़ी नजर रख रहे हैं। उत्तराखंड में मानसून की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद , चार धाम यात्रा निर्बाध रूप से जारी है। मौजूदा तीर्थयात्रा सीजन के महज 125 दिनों में ही श्रद्धालुओं की संख्या 48 लाख से अधिक हो गई है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 522,634 अधिक है।
यमुनात्री तीर्थयात्रा ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है, जिसमें श्रद्धालुओं की संख्या पहली बार 668,000 का आंकड़ा पार कर गई है। 2025 में, यमुना के दर्शन के लिए कुल 644,637 श्रद्धालुओं ने तीर्थयात्रा की थी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कुशल प्रबंधन में चार धाम यात्रा हर साल नए रिकॉर्ड बना रही है। मानसून के मौसम को ध्यान में रखते हुए, तीर्थयात्रा अत्यंत सावधानी और निरंतर निगरानी के साथ आयोजित की जा रही है। रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी जिलों के आपदा प्रबंधन विभागों को चौबीसों घंटे अलर्ट पर रखा गया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए सभी आवश्यक उपाय किए गए हैं।
इस वर्ष चार धाम यात्रा का प्रारंभ 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनात्री के कपाट खुलने के साथ हुआ। अबतक 125 दिनों की इस तीर्थयात्रा अवधि के दौरान कुल 4,804,897 श्रद्धालुओं ने चारों तीर्थस्थलों के दर्शन किए। वर्ष 2025 में इसी अवधि के दौरान यह संख्या 4,282,263 थी। इसलिए, इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में 522,634 अधिक श्रद्धालुओं ने चार धाम यात्रा की है। अब तक चारों तीर्थस्थलों पर कुल श्रद्धालुओं की संख्या देखें तो बद्रीनाथ में 1,654,263, केदारनाथ में 1,465,370 , गंगोत्री में 747,671 और यमुनात्री में 668,163 तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं । इसके अतिरिक्त, हेमकुंड साहिब में 269,430 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं।




