प्रेरक प्रसंग

प्रेरक-प्रसंग: दिलों की दूरियां कम करती यह कहानी, आपभी पढ़कर बदलें अपनी सोच

दिलों की दूरियां कम करती यह कहानी

एक बार एक संत अपने शिष्यों के साथ बैठे थे। अचानक उन्होंने सभी शिष्यों से एक सवाल पूछा। बताओ जब दो लोग एक दूसरे पर गुस्सा करते हैं तो जोर-जोर से चिल्लाते क्यों हैं? शिष्यों ने कुछ देर सोचा और एक ने उत्तर दिया : हम अपनी शांति खो चुके ...

Read More »

पिता की एक सीख ने बदल दी बेटे की ज़िन्दगी

पिता की एक सीख ने बदल दी बेटे की ज़िन्दगी

बहुत समय पहले की बात है, एक गाँव में एक लड़का रहता था। वह बहुत ही गुस्सैल था, छोटी-छोटी बात पर अपना आप खो बैठता और लोगों को भला-बुरा कह देता। उसकी इस आदत से परेशान होकर एक दिन उसके पिता ने उसे कीलों से भरा हुआ एक थैला दिया ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग: जब क्रोध बना विनाश का कारण

जब क्रोध बना विनाश का कारण

बहुत समय पहले की बात है। आदि शंकराचार्य और मंडन मिश्र के बीच सोलह दिन तक लगातार शास्त्रार्थ चला। शास्त्रार्थ मे निर्णायक थी- मंडन मिश्र की धर्म पत्नी देवी भारती। हार-जीत का निर्णय होना बाक़ी था, इसी बीच देवी भारती को किसी आवश्यक कार्य से कुछ समय के लिये बाहर ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग: आंखो से बाते करना सीख लिया तो समझो जिंदगी जीना आ गया

आंखो से बाते करना सीख लिया

एक बार एक संत अपने शिष्यों के साथ बैठे थे। अचानक उन्होंने सभी शिष्यों से एक सवाल पूछा। बताओ जब दो लोग एक दूसरे पर गुस्सा करते हैं तो जोर-जोर से चिल्लाते क्यों हैं? शिष्यों ने कुछ देर सोचा और एक ने उत्तर दिया : हम अपनी शांति खो चुके ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग: उस मेंढक की कहानी जिसकी हिम्मत के सामने मौत भी हार गई

उस मेंढक की कहानी जिसकी हिम्मत के सामने मौत भी हार गई

एक बार की बात है कि किसी तालाब में दो मेंढक रहते थे जिनमें से एक बहुत मोटा था और दूसरा पतला| एक सुबह जब वे दोनों खाने की तलाश में निकले थे, अचानक एक दूध के बड़े बर्तन में गिर गये, जिसके किनारे बहुत चिकने थे और इसी वजह ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग: आप भी बनना चाहते हैं एक स्मार्ट कर्मचारी तो ये रहा गुरुमंत्र

प्रेरक-प्रसंग

बादशाह ने वजीर के रिक्त पद पर नियुक्ति के लिए उम्मीदवार बुलवाए। परीक्षा से गुज़र कर तीन उम्मीदवार योग्य पाए गए। तीनों उम्मीदवारों से बादशाह ने एक-एक कर एक ही सवाल किया, ‘मान लो मेरी और तुम्हारी दाढ़ी में एक साथ आग लग जाए तो तुम क्या करोगे?’ पहले ने ...

Read More »

किसी ने सही कहा है, सम्मान चाहिए तो पहले सम्मान देना सीखें

सम्मान

बहुत पुरानी बात है। एक व्यक्ति अक्सर धर्मग्रंथों का मजाक उड़ाया करता था। वह नास्तिक था। वह ईश्वर में विश्वास करने वालों का सम्मान नहीं करता था। वह उनसे वैचारिक बहस न करके, कुतर्कों के जरिए उनका मनोबल तोड़ने की कोशिश करता था। एक दिन वह एक पादरी के पास ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग : छोटी से छोटी वस्तु वक्त आने पर मूल्यवान बन जाती है

प्रेरक-प्रसंग

चौड़े रास्ते ने पास चलती पगडंडी से कहा – “अरी पगडंडी, मेरे रहते मुझे तुम्हारा अस्तित्व अनावश्यक सा जान पड़ता है। व्यर्थ ही तुम मेरे आगे-पीछे, जाल-सा बिछाए चलती हो!” पगडंडी ने भोलेपन से कहा, “नहीं जानती, तुम्हारे रहते लोग मुझ पर क्यों चलते हैं। एक के बाद एक दूसरा चला। और फिर, तीसरा, इस तरह मेरा ...

Read More »

प्रेरक प्रसंग: सांसारिक जीवन से दूर

सांसारिक जीवन से दूर

बात बहुत पुरानी है। एक बार एक साधक साधना में लीन था। तभी उसी रास्ते से एक स्त्री अपने प्रिय से मिलने जा रही थी। वह प्रिय में इतनी खोई हुई थी, कि उसका पैर गलती से साधक को लग गया। तब साधक ने स्त्री से गुस्से में कहा, ‘क्या ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग: यहां जानें, खुद को कितना पहचानते हैं आप!

यहां जानें, खुद को कितना पहचानते हैं आप!

दि वल्ड्रस वर्क’ अखबार के संपादक थे ‘वाल्टर हाइन्स येज’। वह हर दिन कई आर्टिकल को रिजेक्ट करते या प्रकाशित करते थे। एक बार एक लेखिका ने उन्हें लिखा, ‘पिछले सप्ताह आपने मेरी कहानियां सखेद लौटा दीं। मेरा यह दावा है कि आपने मेरी कहानी को पढ़ा ही नहीं। मेरा ...

Read More »
LIVE TV