
उत्तराखंड के कोटद्वार में पिछले कुछ दिनों से चल रहे तनावपूर्ण घटनाक्रम के बीच एक बड़ा अपडेट सामने आया है। स्थानीय हिंदू व्यापारी के साथ मारपीट और अभद्रता करने के आरोपी दीपक कुमार उर्फ मोहम्मद दीपक को उप जिलाधिकारी (एसडीएम) न्यायालय से जमानत मिल गई है।
शुक्रवार की शाम को पुलिस ने आरोपी को मजिस्ट्रेट संदीप कुमार की अदालत में पेश किया था। सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी को फौरी राहत देते हुए दो जमानतियों की मौजूदगी में डेढ़ लाख रुपये के मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया।
हालांकि, कोर्ट ने इस जमानत के साथ कड़ी शर्तें भी जोड़ी हैं। मजिस्ट्रेट ने मोहम्मद दीपक को नोटिस जारी करते हुए सख्त हिदायत दी है कि यदि वह अगले छह महीनों के भीतर किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या शांति भंग करने की घटना में शामिल पाया जाता है, तो उससे अर्थदंड की पूरी रकम वसूलने के साथ-साथ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे विवाद और हंगामे की जड़ एक सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ी हुई है। दरअसल, मध्य प्रदेश के उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण अभियान के तहत एक मस्जिद का कुछ हिस्सा हटाए जाने की घटना सामने आई थी। इसी मामले को लेकर कोटद्वार में जिम संचालित करने वाले मोहम्मद दीपक ने एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट साझा की थी। इस पोस्ट पर गंगादत्त जोशी मार्ग पर गारमेंट्स का कारोबार करने वाले संजीव टांक ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए एक टिप्पणी की थी।
आरोप है कि संजीव की इस टिप्पणी से आक्रोशित होकर मोहम्मद दीपक सीधा उनके व्यापारिक प्रतिष्ठान पर पहुंच गया और वहां उनके साथ गाली-गलौज करते हुए हाथापाई पर उतर आया। पीड़ित व्यापारी का यह भी आरोप है कि दीपक ने विवाद को तूल देते हुए अन्य मुस्लिम व्यापारियों को भी संजीव के खिलाफ भड़काने और माहौल खराब करने का प्रयास किया था।
इस घटना के बाद कोटद्वार के स्थानीय व्यापारियों में भारी रोष फैल गया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बुधवार की शाम नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के आह्वान पर भारी संख्या में व्यापारियों ने एकजुट होकर कोतवाली का घेराव किया और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारी व्यापारियों का स्पष्ट आरोप था कि आरोपी जिम संचालक शहर में पहले भी कई बार शांति व्यवस्था भंग करने का कारण बन चुका है, इसलिए पुलिस को उसके खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाने चाहिए।
व्यापारियों के भारी दबाव और लगातार बढ़ते आक्रोश के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। अब प्रशासन ने उसे सशर्त जमानत तो दे दी है, लेकिन शहर में शांति और आपसी सौहार्द बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है।



