बुढ़ापे के लिये वरदान है ये वाला अंगूर, होगा जवानी का एहसास

फलों में अंगूर सर्वोत्तम माना जाता है। यह निर्बल-सबल, स्वस्थ-अस्वस्थ आदि सभी के लिए समान उपयोगी होता है। गर्मियों में कई तरह के पेय पदार्थों को बनाने में लाल रंग के अंगूर का उपयोग किया जाता है। काले की अपेक्षा लाल अंगूर में ज़्यादा विटामिन होते हैं।

लाल अंगूर

लाल रंग के अंगूर का उपयोग स्मूदी, जूस, आइसक्रीम आदि बनाने में बहुतायत मात्रा में किया जाता है। जानें, लाल रंग के अंगूर खाने से किन-किन बीमारियों से बचा जा सकता है।

अंगूर के सेवन से हडि्डयाँ मजबूत होती हैं। 50 की उम्र के बाद आमतौर पर लोगों में गठिया रोग की शिकायत देखने को मिलने लगती है। ऐसे में यदि आपके घर में कोई बुजुर्ग गठिया का रोगी है, तो उसे लाल अंगूर का सेवन करना चाहिए। इसका सेवन बहुत लाभप्रद है. क्योंकि यह शरीर में से उन तत्वों को बाहर निकालता है. जिसके कारण गठिया होता है।

इसके साथ-साथ लाल अंगूर के रस के गरारे करने से मुँह के घावों एवं छालों में राहत मिलती है।

लाल अंगूर में जल, शर्करा, सोडियम, पोटेशियम, साइट्रिक एसिड, फलोराइड, पोटेशियम सल्फेट, मैगनेशियम और लौह तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं। अंगूर ह्रदय की दुर्बलता को दूर करने के लिए बहुत गुणकारी है।

त्वचा को डैमेज होने से बचाने में भी लाल अंगूर बेहद फायदेमंद होता है और इसका रेस्वेराट्रोल गुण आपके चेहरे पर होने वाले मुंहासों की संभावना को बहुत कम कर देता है।

रेड ग्रेप्स आपको एलर्जेटिक परेशानियों से भी दूर रखता है। इसके भीतर मौजूद क्वरसेनटिन का गुण एंटी-इंफ्लेमेंट्री का होता है जो आपको एलर्जी से दूर रखता है। जिसमें आंखों से पानी पहना जैसी एलर्जेटिक समस्याएं शामिल हैं।

इसके अलावा लाल अंगूर के सेवन से फेफडों मे जमा कफ निकल जाता है, इससे खाँसी में भी आराम आता है। तथा जी मिचलाना, घबराहट, चक्कर आने वाली बीमारियों में भी लाभदायक है।

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