
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार के विज्ञापन खर्च को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जनता के टैक्स के करीब 7,000 करोड़ रुपये अपनी छवि चमकाने पर खर्च कर दिए, जबकि प्रदेश में शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं पर अधिक निवेश की जरूरत है।
एक्स पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव ने लिखा कि मुख्यमंत्री ने अपनी “झूठी छवि को सच्ची दिखाने” के लिए हजारों करोड़ रुपये खर्च किए हैं। उन्होंने इसे प्रदेश के लिए “अवांछनीय और निंदनीय” बताया और कहा कि उत्तर प्रदेश आज भी गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई, एमएसपी, बिजली, पानी, सड़क और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा है।
सपा प्रमुख ने दावा किया कि यदि इतनी राशि शिक्षा क्षेत्र में लगाई जाती तो ‘केजी से पीजी और रिसर्च’ तक की दो-तीन विश्वस्तरीय यूनिवर्सिटी स्थापित की जा सकती थीं, जिससे प्रदेश के बच्चों और युवाओं का भविष्य बेहतर बनाया जा सकता था। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर शिक्षा और युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। “नियो इंडिया” का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार उत्तर प्रदेश को तरक्की और खुशहाली के रास्ते पर ले जाएगी।
एक्सप्रेसवे पर भी तंज
6 अगस्त को भी अखिलेश यादव ने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता को लेकर तंज कसा। उद्घाटन के कुछ दिनों बाद सड़क धंसने की घटनाओं और मरम्मत के दौरान पंखों से सड़क सुखाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उन्होंने योगी सरकार पर निशाना साधा।
एक्स पर वीडियो साझा करते हुए उन्होंने लिखा- “भाजपाई तरक्की की नई हवा”। उन्होंने कहा कि जिस एक्सप्रेसवे का कुछ दिन पहले उद्घाटन हुआ हो, उसे इतनी जल्दी बार-बार मरम्मत की जरूरत पड़ना निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। मरम्मत वाले हिस्से को जल्दी सुखाने के लिए पंखों का इस्तेमाल स्थिति को और हास्यास्पद बनाता है। उन्होंने सवाल किया कि जब एक्सप्रेसवे उद्घाटन के दो-तीन सप्ताह के भीतर ही कई बार मरम्मत मांग रहा है तो उस पर तेज रफ्तार से सफर करने का जोखिम कौन उठाएगा।




