
बृहस्पतिवार की सुबह उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम पूरी तरह से बर्फ की सफेद चादर में लिपट गया। बाबा केदार की नगरी में हुई इस ताजा बर्फबारी ने पूरे धाम के नजारे को बेहद मनमोहक और अलौकिक बना दिया है।
बर्फबारी के कारण जहां एक ओर कड़ाके की ठंड काफी बढ़ गई है, वहीं दूसरी ओर दर्शन करने पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है। इस अद्भुत और प्राकृतिक सौंदर्य को देखकर हर कोई मंत्रमुग्ध नजर आ रहा है। श्रद्धालु बर्फ के फाहों के बीच सेल्फी लेते और इस खूबसूरत पल को अपने कैमरों में कैद करते देखे जा रहे हैं। कड़ाके की ठंड के बावजूद आस्था का जनसैलाब उमड़ रहा है और बाबा के दर्शन के लिए भक्तों की आवाजाही निरंतर जारी है।
गौरतलब है कि आगामी 11 नवंबर को शीतकाल के लिए केदारनाथ धाम के कपाट विधि-विधान के साथ बंद होने वाले हैं। कपाट बंद होने की तिथि जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे बाबा के दर्शनों के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ भी तेजी से बढ़ रही है। इस यात्रा सीजन में श्रद्धालुओं की संख्या ने नए रिकॉर्ड बनाए हैं। अब तक 18 लाख 53 हजार से अधिक शिव भक्त बाबा केदार के दरबार में हाजिरी लगा चुके हैं।
प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार केवल बुधवार के दिन ही आठ हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने दर्शन का लाभ प्राप्त किया। बर्फबारी और चुनौतीपूर्ण मौसम भी इन शिव भक्तों की अगाध आस्था को डिगा नहीं पा रहा है।
उच्च हिमालई क्षेत्रों के साथ-साथ राज्य के अन्य हिस्सों में भी मौसम का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। केदारनाथ की तर्ज पर गंगोत्री धाम में भी शानदार बर्फबारी शुरू हो गई है, जिससे वहां का परिदृश्य भी अत्यंत खूबसूरत हो गया है और पूरे पर्वतीय क्षेत्र में शीत लहर का प्रकोप बढ़ गया है। वहीं, रुद्रप्रयाग जनपद के निचले इलाकों जैसे जिला मुख्यालय, उखीमठ, गुप्तकाशी, जखोली और बसुकेदार क्षेत्रों में सुबह से ही घने बादल छाए रहे और हल्की बारिश ने तापमान में भारी गिरावट ला दी है।
इसके अतिरिक्त, पहाड़ों की रानी के नाम से मशहूर मसूरी में भी मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल गया है। गुरुवार सुबह से हो रही लगातार बारिश के कारण मसूरी में अचानक कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। मौसम में आए इस बदलाव के चलते वहां की पर्यटन गतिविधियों पर सीधा असर पड़ा है।
आमतौर पर पर्यटकों की चहल-पहल से आबाद रहने वाली मसूरी की सड़कों पर रौनक कम हो गई है। बारिश और बढ़ती ठंड से बचने के लिए स्थानीय लोगों के साथ-साथ अधिकांश पर्यटक भी बाहर निकलने से कतरा रहे हैं और अपने होटलों के कमरों में ही समय बिताते हुए मौसम के साफ होने का इंतजार कर रहे हैं।



