
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर संकेत दिया है कि अगर ईरान वाशिंगटन के साथ शांति समझौता करने में विफल रहता है तो वे ईरान पर हमले फिर से शुरू कर सकते हैं। उनकी यह टिप्पणी तुर्की में अमेरिकी राजदूत और सीरिया मामलों के प्रमुख टॉम बैरक के उस बयान के कुछ ही घंटों बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान पर हमले इसी सप्ताहांत से फिर से शुरू किए जा सकते हैं।
फ्लोरिडा में मध्यावधि चुनावों के लिए एक रैली को संबोधित करते हुए डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा, “हो सकता है हम एक और छोटा सा ‘एपिक फ्यूरी’ करें, या वे मान जाएं। अगर वे समझदार हैं, तो वे बस कहेंगे, ‘चलिए काम शुरू करते हैं।’ लेकिन, मुझे संदेह है कि वे ऐसा करेंगे क्योंकि शायद वे समझदार नहीं हैं। ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ फरवरी में अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए सैन्य अभियान का नाम था।
उनके बयानों से एक बार फिर अनिश्चितता का माहौल बन गया है , मौजूदा संघर्ष ने पहले ही वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को खतरे में डाल दिया है और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का कारण बना है, जबकि ट्रंप का कहना है कि यूक्रेन द्वारा रूसी रिफाइनरियों को निशाना बनाने के कारण तेल की कीमतें बढ़ रही हैं । ईरान की बात करें तो, उसने अमेरिका को नए हमलों के खिलाफ चेतावनी दी है और कहा है कि उकसाए जाने पर वह जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार है।
इसी रैली के दौरान ट्रंप ने क्यूबा को धमकी भी दी और कहा कि ईरान के साथ संघर्ष समाप्त होने के बाद अमेरिका क्यूबा से निपटेगा। उनकी ये टिप्पणी तब आई जब विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने क्यूबावासियों से केंद्रीय खुफिया एजेंसी (सीआईए) के साथ ‘गुप्त साझेदारी’ बनाने का आह्वान किया। ट्रंप ने कहा “ईरान से लौटते समय हम क्यूबा का ध्यान रखेंगे। वे खूबसूरत जहाज क्यूबा के पास से गुजरेंगे। हम उनमें से एक को तट से लगभग 50 गज की दूरी पर रोक देंगे। वे अपने हाथ ऊपर उठाएंगे, और फिर हम मार्को रुबियो को भेजेंगे।



