उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले में दशहरे के दिन एक मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। मूसानगर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत गुलौली स्थित बाजपेई का पुरवा गांव में बृहस्पतिवार रात 30 वर्षीय किसान रामगणेश की दो युवकों ने चाकू से गोदकर निर्मम हत्या कर दी। इस खौफनाक वारदात के बाद से पूरे गांव में भारी दहशत और तनाव का माहौल व्याप्त है। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर छानबीन शुरू कर दी है।
वारदात का कारण बेहद मामूली बताया जा रहा है। मृतक के पिता पन्नालाल के अनुसार, बृहस्पतिवार रात करीब नौ बजे गांव के ही दो युवक उनके घर पहुंचे और अकारण गालीगलौज करने लगे। हमलावरों को इस बात पर आपत्ति थी कि दशहरे के दिन पन्नालाल उनके दरवाजे पर क्यों बैठे थे। जब रामगणेश ने इस बेवजह की गालीगलौज का विरोध किया, तो दोनों हमलावर उग्र हो गए। वे रामगणेश को घर से घसीटते हुए गांव के तिराहे तक ले गए और वहां उस पर चाकू से ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। रामगणेश खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा। चीख-पुकार और शोरगुल सुनकर जब तक ग्रामीण मदद के लिए दौड़े, तब तक दोनों आरोपी मौके का फायदा उठाकर फरार हो चुके थे।
गंभीर रूप से घायल रामगणेश को उसके परिजन आनन-फानन में जिला अस्पताल लेकर गए, लेकिन दुर्भाग्यवश इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। रामगणेश अपने तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था। इस अनहोनी के बाद मृतक की पत्नी रचना, पिता पन्नालाल और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गांव में हत्या के बाद उत्पन्न हुए तनाव को देखते हुए सीओ राजीव सिरोही और थानाध्यक्ष अमिता वर्मा ने पुलिस बल के साथ मोर्चा संभाल लिया है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य एकत्र किए हैं। सीओ के मुताबिक, मृतक की पत्नी की तहरीर पर दो युवकों के खिलाफ हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज की जा रही है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।




