
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को जानकारी दी कि इस साल अब तक 60 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम यात्रा कर चुके हैं, जिसने तीर्थयात्रा के अब तक के सभी पिछले रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सीएम धामी ने इस अभूतपूर्व वृद्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि केदारनाथ त्रासदी के बाद यात्रियों की संख्या में जो भारी गिरावट आई थी, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाबा केदारनाथ के दर्शन करने के बाद से एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगी है। मानसून से पहले और उसके बाद के चरणों में देश भर से बड़ी संख्या में भक्तों ने चारों धामों की यात्रा की है।
तीर्थयात्रियों की सुविधाओं और भविष्य की योजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि भौगोलिक रूप से कठिन और चुनौतीपूर्ण यात्रा मार्गों के बावजूद बद्रीनाथ धाम के मास्टर प्लान पर बहुत तेजी से काम चल रहा है। इसके साथ ही, राज्य सरकार आगामी कुंभ मेले के भव्य आयोजन के लिए भी अपनी तैयारियां जोरों पर कर रही है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
इसके अलावा, सीएम धामी ने राज्य को ‘नशामुक्त’ बनाने की दिशा में सरकार के कड़े कदमों पर भी प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा युवाओं में नशे की लत को खत्म करने के आह्वान के अनुरूप, उत्तराखंड सरकार समन्वित प्रयासों से इस मिशन को आगे बढ़ा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य भर में जन जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, नशा तस्करों (ड्रग पेडलर्स) के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो रही है और इसमें स्वयंसेवी संस्थाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है। इसी कड़ी में, ‘ड्रग-फ्री उत्तराखंड’ के समर्थन में कई स्वयंसेवी संगठनों द्वारा एक विशेष ‘रन’ (दौड़) का भी आयोजन किया गया है।



