
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के गोला क्षेत्र से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक सेवानिवृत्त दरोगा (सब-इंस्पेक्टर) का शव उनके घर के पास संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा मिला। यह घटना गोला क्षेत्र की ग्राम पंचायत पुनर्भू ग्रंट के अंतर्गत आने वाली गुप्ता कॉलोनी की है। शनिवार की सुबह लगभग 70 वर्षीय रिटायर्ड दरोगा हरपाल सिंह का शव उनके आवास से महज चंद कदमों की दूरी पर स्थित एक आटा चक्की के सामने पड़ा हुआ पाया गया।
सुबह जब चक्की के मालिक राकेश कुमार गुप्ता बाहर निकले, तो दरवाजे के पास शव पड़ा देख उनके होश उड़ गए और उन्होंने तुरंत पुलिस को इस बात की सूचना दी। एक पूर्व पुलिस अधिकारी का शव इस तरह मिलने से पूरी कॉलोनी में हड़कंप मच गया और सनसनी फैल गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2016 में पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त हुए हरपाल सिंह लकवा (पैरालिसिस) से ग्रसित थे और चलने-फिरने के लिए छड़ी का सहारा लेते थे। वे अपने मुख्य मार्ग स्थित घर में अपने छोटे और मानसिक रूप से विक्षिप्त (मंदित) बेटे मनोज कुमार के साथ रहते थे। हरपाल सिंह के कुल तीन बेटे हैं; बड़े बेटे रमेश कुमार सिंह का मकान भी पास में ही है, जबकि तीसरा बेटा गंगाराम मुंबई में इंजीनियर के पद पर कार्यरत है।
बड़े बेटे रमेश ने पुलिस को बताया कि छोटा भाई मनोज अक्सर उनके बुजुर्ग और बीमार पिता के साथ अकारण मारपीट और दुर्व्यवहार किया करता था। घटना की रात भी कुछ ऐसा ही हुआ था, जिसकी गवाही पड़ोस में लगे एक सीसीटीवी कैमरे के फुटेज ने दी है, जिससे घटना की कई अहम कड़ियां जुड़ती नजर आईं।
घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी निरीक्षक अंबर सिंह और उनकी टीम ने जब तहकीकात शुरू की, तो सीसीटीवी फुटेज में एक खौफनाक मंजर देखने को मिला। वीडियो में आरोपी बेटा मनोज रात के समय अपने बेबस पिता की पिटाई करता हुआ साफ दिखाई दे रहा है। फुटेज में यह भी स्पष्ट है कि हरपाल सिंह अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करते हुए किसी तरह घर से बाहर जा रहे हैं। जब पुलिस आरोपी को पकड़ने गई, तो वह घर का दरवाजा अंदर से बंद करके छिपा हुआ था।
काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने दरवाजा खुलवाया और उसे हिरासत में ले लिया। इस पूरे घटनाक्रम पर क्षेत्राधिकारी (सीओ) गोला, जितेंद्र परिहार ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मारपीट इतनी गंभीर प्रतीत नहीं हो रही है कि उससे सीधे तौर पर मृत्यु हो जाए। फिलहाल, पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो सकेगी, जिसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।



