
राजधानी दिल्ली में एक बड़े और संभावित विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से कड़ा कर दिया गया है। जंतर-मंतर पर बिना पूर्व अनुमति के प्रदर्शन करने की किसी भी कोशिश को नाकाम करने के लिए दिल्ली पुलिस पूरी तरह से हाई अलर्ट मोड पर है।
कानून-व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए प्रशासन द्वारा कई सख्त कदम उठाए गए हैं, जिसका सीधा असर राजधानी की परिवहन व्यवस्था और दैनिक यात्रियों की आवाजाही पर पड़ रहा है। हालात की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे नई दिल्ली इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू कर दी गई है, जो सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार के जमावड़े या भीड़ के इकट्ठा होने पर सख्त पाबंदी लगाती है।
प्रशासन ने स्पष्ट रूप से जंतर-मंतर पर किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आयोजकों ने कार्यक्रम की अनुमति के लिए तय समयसीमा से बहुत कम समय पहले अपना आवेदन सौंपा था, जबकि निर्धारित नियमों के तहत ऐसे बड़े आयोजनों की सूचना कम से कम दस दिन पूर्व दी जानी अनिवार्य है।
मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है और यह सख्त चेतावनी जारी की गई है कि बिना अनुमति के प्रदर्शन करने या किसी भी सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ त्वरित और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, एहतियात के तौर पर दिल्ली में प्रवेश करने वाले सभी बॉर्डरों को सील करने और शहर भर में शराब की दुकानों को बंद रखने की भी व्यापक तैयारियां की गई हैं ताकि असामाजिक तत्वों को रोका जा सके।
सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) को पत्र लिखकर राजधानी के 57 प्रमुख और भीड़भाड़ वाले मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश तथा निकास द्वार पूरी तरह से बंद रखने की सिफारिश की है। पुलिस को यह आशंका है कि प्रदर्शनकारी भीड़ इन मार्गों का उपयोग करके संवेदनशील इलाकों की ओर कूच कर सकती है।
प्रभावित होने वाले प्रमुख स्टेशनों में राजीव चौक, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, मंडी हाउस, कश्मीरी गेट, विश्वविद्यालय, जनपथ, आईटीओ, दिल्ली गेट, खान मार्केट, आर.के. आश्रम मार्ग, सुप्रीम कोर्ट, आईएनए, हौज खास, लाजपत नगर, जामा मस्जिद, करोल बाग और रोहिणी सहित कई अन्य महत्वपूर्ण स्टेशन शामिल हैं।
इन पाबंदियों के चलते आम यात्रियों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, जिसके लिए उन्हें वैकल्पिक मार्गों का चयन करने की सलाह दी जा रही है।



