
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है , जिनका गुरुवार सुबह गोवा स्थित उनके आवास पर हृदय गति रुकने से 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि नाना पाटेकर ने हमें ऐसे किरदार दिए जो पीढ़ियों तक याद रहेंगे। नाना पाटेकर अपने साथियों के बीच अपने स्पष्टवादी और बेबाक विचारों के लिए प्रशंसित थे और वे अपने विचारों को व्यक्त करने में कभी संकोच नहीं करते थे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “नाना पाटेकर जैसी तीव्रता, विशिष्टता और बेमिसाल उपस्थिति वाले अभिनेता बहुत कम थे। उन्होंने हर भूमिका में अद्भुत बहुमुखी प्रतिभा और रचनात्मकता का परिचय दिया और हमें ऐसे किरदार दिए जिन्हें पीढ़ियां याद रखेंगी। वे अपने स्पष्टवादी और बेबाक विचारों के लिए भी प्रशंसित थे, जो अपने विश्वासों को व्यक्त करने में कभी संकोच नहीं करते थे। हिंदी और मराठी सिनेमा में नाना पाटेकर का योगदान अपार था। उनके निधन से एक गहरा खालीपन आ गया है। उनके परिवार, मित्रों और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं।
नाना पाटेकर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था, उनका जन्म 1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र के मुरुद-जंजीरा में हुआ था। नाना पाटेकर ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1978 में आई फिल्म गमन से की थी। उन्होंने मराठी और हिंदी फिल्मों में कई महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाईं। उनके करियर का अहम मोड़ 1989 में आई फिल्म परिंदा से आया। इस फिल्म में उनके अभिनय के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और फिल्मफेयर पुरस्कार दोनों मिले। इसके बाद उन्होंने अंगार, तिरंगा, क्रांतिवीर, अग्निसाक्षी, खामोशी: द म्यूजिकल, शक्ति, अपहरण और राजनीति जैसी फिल्मों में यादगार भूमिकाएँ निभाईं।



