
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 1994 के ऐतिहासिक रामपुर तिराहा गोलीकांड में अपने प्राणों की आहुति देने वाले राज्य आंदोलन के शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं।
मुजफ्फरनगर में आयोजित एक स्मृति सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि राज्य निर्माण आंदोलन के दौरान शहीद हुए सभी आंदोलनकारियों की प्रतिमाएं उनके पैतृक गांवों अथवा संबंधित आवासीय क्षेत्रों में स्थापित की जाएंगी, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके सर्वोच्च बलिदान से सदैव प्रेरणा ले सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन स्थानों पर अब तक शहीदों की प्रतिमाएं स्थापित नहीं हो सकी हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर यह कार्य पूरा किया जाएगा। इसके अतिरिक्त राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया को भी जल्द से जल्द अंतिम रूप देने का भरोसा दिलाया गया है।
शहीदों की स्मृति को संजोने और नई पीढ़ी तक राज्य आंदोलन का इतिहास पहुंचाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री धामी ने रामपुर तिराहा स्थित स्मारक परिसर के व्यापक कायाकल्प की रूपरेखा भी प्रस्तुत की। इसके तहत रामपुर तिराहा स्थित राज्य अतिथि गृह का आधुनिकीकरण किया जाएगा, जबकि वहां स्थित स्मारक पुस्तकालय को अत्याधुनिक ई-लाइब्रेरी के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है।
साथ ही परिसर में स्थित संग्रहालय का विस्तार कर उसमें उत्तराखंड के पारंपरिक वाद्य यंत्रों, लोक वेशभूषा और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ी विभिन्न प्रदर्शनियों को भी शामिल किया जाएगा, जिससे यह स्थल केवल एक स्मारक न रहकर उत्तराखंडी संस्कृति और जन-आंदोलन के जीवंत केंद्र के रूप में स्थापित हो सके।
इसी बीच देहरादून डायरी से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में कोटद्वार में सोशल मीडिया टिप्पणी को लेकर दो व्यापारियों के बीच उपजा विवाद भी चर्चा में बना हुआ है। मध्य प्रदेश के उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के दौरान मस्जिद का एक हिस्सा गिराए जाने से संबंधित पोस्ट पर गारमेंट कारोबारी संजीव टांक की टिप्पणी के बाद जिम संचालक दीपक कुमार उर्फ मोहम्मद दीपक द्वारा उनकी दुकान पर जाकर कथित तौर पर अभद्रता और धमकी दी गई थी।
इस मामले ने तूल पकड़ लिया था और व्यापारियों ने कोतवाली का घेराव भी किया था। पुलिस द्वारा एसडीएम अदालत में पेश किए जाने के बाद मजिस्ट्रेट ने दीपक को दो जमानतियों के साथ डेढ़ लाख रुपये के मुचलके पर सशर्त रिहा कर दिया। अदालत ने आरोपी को कड़ा नोटिस जारी करते हुए हिदायत दी है कि यदि अगले छह महीनों के भीतर उसने क्षेत्र की शांति व्यवस्था को किसी भी प्रकार से बाधित किया, तो उससे भारी अर्थदंड की वसूली के साथ-साथ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




