
उत्तराखंड के ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में छिपी खेल प्रतिभाओं को निखारने और राज्य में खेल संस्कृति को मजबूती देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने एक व्यापक और ऐतिहासिक कदम उठाया है।
अब राज्य के युवा खिलाड़ियों को उचित अभ्यास और बुनियादी सुविधाओं के लिए बड़े शहरों या जिला मुख्यालयों पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं होगी। सरकार की इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य पहाड़ी राज्य के हर गांव तक आधुनिक खेल सुविधाएं पहुंचाकर स्थानीय प्रतिभाओं को सशक्त बनाना और उन्हें शुरुआत से ही उचित मार्गदर्शन प्रदान करना है।
राज्य सरकार ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में खेल के बुनियादी ढांचे का बड़े पैमाने पर विस्तार किया है। इसके तहत अब तक 102 आधुनिक मिनी स्टेडियम, 157 सुसज्जित खेल मैदान और 7 मल्टीपरपज (बहुउद्देश्यीय) हॉल का विकास किया गया है। इन आधुनिक खेल परिसरों में युवाओं को वे सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जो उन्हें पेशेवर रूप से तैयार करने के लिए आवश्यक हैं। इस बड़े कदम से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि उन्हें अपने ही क्षेत्र में रहकर बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक बोझ के बेहतर प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर भी मिलेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने इस विजन को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार उत्तराखंड के सुदूर क्षेत्रों तक खेल का अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
इन नई और आधुनिक सुविधाओं के माध्यम से गांव-गांव में मौजूद होनहार खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा साबित करने और भविष्य में राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर राज्य व देश का प्रतिनिधित्व करने का एक बेहतरीन मंच मिलेगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन निरंतर और ठोस प्रयासों की बदौलत अब उत्तराखंड तेजी से ‘देवभूमि’ के साथ-साथ ‘खेल भूमि’ के रूप में भी अपनी एक नई पहचान स्थापित कर रहा है।




