
राम मंदिर में चंदा चोरी का मामला सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए आया, विशेष जांच दल (एसआईटी) ने भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष जांच की स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत की। एसआईटी की रिपोर्ट के अनुसार, जांचकर्ताओं ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों की जांच करके मामले में सभी आरोपियों की पहचान कर ली है। टीम ने अदालत को यह भी बताया कि जांच लगभग पूरी हो चुकी है और 25 सितंबर तक आरोपपत्र दाखिल कर दिया जाएगा। एसआईटी की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि दान की धनराशि और वस्तुओं की चोरी में कथित तौर पर शामिल सभी लोगों की पहचान कर ली गई है।
एसआईटी ने कहा कि उसके पास मामले को पुष्ट करने के लिए बड़ी मात्रा में दस्तावेजी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मौजूद हैं। इनमें सीसीटीवी फुटेज और जांच के दौरान एकत्र किए गए अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड शामिल हैं। टीम ने अदालत को यह भी बताया कि दान से संबंधित मूल्यवान वस्तुओं की रसीदें सॉफ्टवेयर के माध्यम से तैयार की जाती हैं। इन वस्तुओं को फिर एसबीआई के लॉकरों में रखा जाता है। एसआईटी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जांच काफी हद तक पूरी हो चुकी है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गठित विशेष न्यायाधीश की अदालत में 25 सितंबर तक आरोपपत्र दाखिल किया जाना है। सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी की स्टेटस रिपोर्ट को रिकॉर्ड में लिया और जांच की वर्तमान स्थिति पर ध्यान दिया।



