
शुक्रवार को पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक पुलिस मस्जिद में हुए भीषण विस्फोट से दहशत फैल गई, जिसमें कम से कम 16 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए, अधिकारियों ने जानकारी दी की विस्फोट प्रांत के कोहाट जिले में पुराने पुलिस लाइंस के पास हुआ। शुक्रवार की नमाज के दौरान हुए विस्फोट की भयावहता को दर्शाने वाले कई वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं। तस्वीरों में क्षतिग्रस्त दीवारें और इमारतें दिखाई दे रही हैं, और लोग घायलों की मदद के लिए दौड़ रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस समेत बचाव दल घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं और बचाव अभियान जारी है।
रेस्क्यू 1122 खैबर पख्तूनख्वा के प्रवक्ता बिलाल अहमद फैजी ने बताया कि बचाव दल स्थिति का जायजा ले रहे हैं और घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अभी तक किसी भी समूह ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन कुछ अपुष्ट रिपोर्टों में दावा किया गया है कि यह एक आत्मघाती बम हमला था जिसे इत्तेहाद-उल-मुजाहिदीन पाकिस्तान (आईएमपी) ने अंजाम दिया था, जो पिछले साल अप्रैल में गठित एक आतंकवादी समूह है जो पाकिस्तानी सुरक्षा बलों का विरोध करता है और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) का प्रतिद्वंद्वी है।
पाकिस्तान के संघर्ष और सुरक्षा अध्ययन संस्थान (ICSS) के एक अध्ययन में कहा गया है कि आईएमपी अपने उदय के बाद से उत्तरी वज़ीरिस्तान क्षेत्र में आत्मघाती बम विस्फोटों सहित कई आतंकी हमलों के लिए जिम्मेदार रहा है। अध्ययन में यह भी कहा गया है कि टीटीपी के प्रतिद्वंद्वी समूह जमात-उल-अहरार (JuA) के समर्थक आईएमपी में शामिल हो सकते हैं। खैबर पख्तूनख्वा पाकिस्तान के अशांत क्षेत्रों में से एक है, जहां टीटीपी के नेतृत्व में कई आतंकी समूह सक्रिय हैं और पाकिस्तानी सेना से संघर्ष करते हुए इस्लामाबाद के शासन से आजादी की मांग कर रहे हैं। पाकिस्तानी सेना और आतंकी समूहों के बीच वर्षों से कई बार हमले हो चुके हैं, जिनमें सैकड़ों लोग मारे गए हैं।




