
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के भानुप्रतापुर स्थित एक विशेष एनआईए अदालत ने 2019 में नक्सली घटना से संबंधित मामले में 19 वर्षीय युवक का अपहरण और हत्या करने के आरोप में एक व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशेष अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश दीपक के गुप्ता की अदालत ने आरोपी पिलुराम आंचला उर्फ सालिक राम को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और शस्त्र अधिनियम के तहत दोषी ठहराया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष के अनुसार, वर्दीधारी सशस्त्र नक्सलियों के एक समूह ने कोयलिबेड़ा पुलिस थाना क्षेत्र के जुगदा गांव में श्यामनाथ आंचला (19) का उसके घर से अपहरण कर लिया। उसे बाद में जंगल में ले जाया गया, और गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई।
पुलिस ने पिलुराम और अन्य आरोपियों के खिलाफ आईपीसी, शस्त्र अधिनियम और यूएपी की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। बीएसएफ और डीआरजी के संयुक्त अभियान के दौरान मई 2023 में पिलुराम को दो अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया गया था। अभियोजन पक्ष ने कहा कि आरोपियों से वॉकी-टॉकी, माओवादी साहित्य, पत्र और नकदी जैसी वस्तुएं बरामद की गईं। अदालत ने पिलुराम को आईपीसी की धारा 148 के तहत तीन साल के कठोर कारावास और आईपीसी की धारा 364 के तहत 10 साल के कठोर कारावास और आईपीसी की धारा 302/149 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई।


