
स्वयंभू इन्फ्लुएंसर और एक्टिविस्ट स्वतंत्र भारद्वाज को पुलिस ने शनिवार को विधिवत रूप से गिरफ्तार कर लिया है। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन के दौरान एक युवा छात्र प्रदर्शनकारी के पिता पर हमला करने और उनकी “खोपड़ी फोड़ने” का खुलेआम दावा करने वाले इस आरोपी को अदालत ने एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
सीजेपी कार्यकर्ताओं और विभिन्न विपक्षी नेताओं के भारी विरोध प्रदर्शन के बाद, दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को उसे उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह वहां के एक गांव में पहचान छिपाकर रह रहा था।
यह पूरा मामला तब सुर्खियों में आया जब स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो पॉडकास्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। इस विवादित वीडियो में वह बहुत ही बेखौफ अंदाज में यह दावा करता हुआ नजर आ रहा था कि उसने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी के पिता पर जानलेवा हमला किया था।
इतना ही नहीं, उसने अपनी राजनीतिक पहुंच का हवाला देते हुए यह डींगें भी हांकीं कि बड़े रसूख और राजनेताओं से संबंधों के चलते ही वह जेल जाने से और कानूनी कार्रवाई से बच गया। उसके इस बयान ने आग में घी का काम किया और सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेताओं ने कड़ा रुख अपनाया। आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद और अन्य विपक्षी नेताओं के साथ मिलकर सीजेपी कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी की मांग रखी।
विपक्ष और प्रदर्शनकारियों के भारी दबाव के बीच दिल्ली पुलिस ने 72 घंटे के भीतर कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिया था। इसके तुरंत बाद पुलिस की कई टीमें गठित की गईं और फरार चल रहे आरोपी को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले से दबोच लिया गया। अब पुलिस इस पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कर रही है और कानूनी प्रक्रियाओं के तहत आगे की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।



