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उत्तराखंड के देवभूमि में ‘हनुमान अंश’ की विशेष स्क्रीनिंग: मुख्यमंत्री धामी ने की नीम करौली बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म की सराहना

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को देहरादून के सेंट्रियो मॉल में फिल्म ‘हनुमान अंश’ की एक विशेष स्क्रीनिंग में शिरकत की। अपनी पत्नी गीता धामी और अन्य विशिष्ट अतिथियों के साथ फिल्म देखने के बाद, मुख्यमंत्री ने भारत की समृद्ध संत परंपरा, भक्ति, सेवा, प्रेम और मानवता के कल्याण के मूल्यों को खूबसूरती से उजागर करने के लिए इस फिल्म की जमकर प्रशंसा की।

यह फिल्म महान आध्यात्मिक गुरु नीम करौली बाबा (जिन्हें भक्त प्रेम से महाराज जी बुलाते हैं) के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर गहराई से प्रकाश डालती है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस तरह के रचनात्मक और सिनेमाई प्रयास युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, हमारी जड़ों और सनातन मूल्यों से जोड़ने में एक सेतु का काम करते हैं।

पिछले महीने सिनेमाघरों में रिलीज हुई इस फिल्म को शुरुआत में भले ही बहुत अधिक प्रचार न मिला हो, लेकिन दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया और माउथ पब्लिसिटी के कारण इसने तेजी से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया है।

फिल्म की कथावस्तु यह दर्शाती है कि कैसे नीम करौली बाबा सत्ता, राजनीति, स्वामित्व और झूठी प्रशंसा जैसी सांसारिक मोह-माया से पूरी तरह अछूते रहे। उनका सादगी से भरा आध्यात्मिक संदेश ही इस फिल्म की मूल आत्मा है। मुख्यमंत्री धामी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि भारत के संतों ने हमेशा समाज को सत्य, करुणा और आध्यात्मिकता का मार्ग दिखाया है। उन्होंने नीम करौली बाबा के जीवन को इस महान परंपरा का एक उत्कृष्ट और प्रेरक उदाहरण बताया।

उनके अनुसार, मानवता की सेवा के प्रति बाबा की प्रतिबद्धता और सभी के लिए प्रेम का संदेश आज के आधुनिक युग में भी बेहद प्रासंगिक है और यह समाज को एक नई व सकारात्मक दिशा प्रदान करने की क्षमता रखता है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में इस बात पर भी विशेष जोर दिया कि उत्तराखंड को केवल ‘देवभूमि’ के रूप में ही नहीं पहचाना जाता, बल्कि यह महान संतों और प्राचीन आध्यात्मिक परंपराओं की तपोभूमि भी है। उन्होंने बताया कि नीम करौली बाबा से जुड़ा नैनीताल स्थित कैंची धाम आज न केवल भारत, बल्कि दुनियाभर के श्रद्धालुओं के लिए अगाध आस्था और शांति का एक प्रमुख वैश्विक केंद्र बन चुका है।

पर्दे पर बाबा की आध्यात्मिक यात्रा, ईश्वर में उनकी अटूट आस्था, उनकी विनम्रता और जन कल्याण के संदेश को जीवंत करने के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देशक और पूरी प्रोडक्शन टीम की कड़ी मेहनत की सराहना की। उनका मानना है कि भारतीय संस्कृति और संत परंपरा पर आधारित ऐसी सकारात्मक फिल्में समाज में सेवा भाव और मानवीय संवेदनाओं को और अधिक सुदृढ़ करती हैं।

इस फिल्म का प्रभाव केवल राजनीतिक और सामाजिक हलकों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि खेल जगत की जानी-मानी हस्तियों ने भी इसकी भूरि-भूरि प्रशंसा की है। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर फिल्म के प्रति अपना समर्थन और विचार व्यक्त किए।

सहवाग ने नीम करौली बाबा से जुड़े अपने व्यक्तिगत अनुभवों और किस्सों का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ आध्यात्मिक अनुभव और महान व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जिनकी महिमा का वर्णन करने के लिए शब्द कम पड़ जाते हैं। उन्होंने यह भी साझा किया कि उनके कई करीबी दोस्त बाबा के अनन्य भक्त हैं।

विशाल चतुर्वेदी द्वारा लिखित और निर्देशित यह फिल्म अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी आध्यात्मिक छाप छोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। प्रसिद्ध प्रोडक्शन हाउस होम्बले फिल्म्स के सहयोग से इसका विदेशी वितरण किया जा रहा है और आगामी 11 सितंबर को यह फिल्म अंतरराष्ट्रीय बाजारों और सिनेमाघरों में भी रिलीज होने जा रही है।

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