
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में पुलिस ने एक बड़ी और सफल कार्रवाई करते हुए नामी कंपनियों के ब्रांड के तहत नकली सिगरेट बनाने वाली एक अवैध फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दूधली गांव में चोरी-छिपे संचालित इस कारखाने पर पुलिस ने अचानक छापेमारी की, जहां से भारी मात्रा में तैयार और अधबनी नकली सिगरेट का जखीरा बरामद किया गया है।
मौके पर सिगरेट बनाने में प्रयुक्त होने वाली मशीनें, हुबहू असली दिखने वाली पैकिंग सामग्री और भारी मात्रा में घटिया कच्चा माल भी जब्त किया गया है। पुलिस ने यह पूरी कार्रवाई एक प्रसिद्ध सिगरेट उत्पादक कंपनी के मैनेजर द्वारा दी गई सटीक गुप्त सूचना के आधार पर अंजाम दी है।
छापेमारी के दौरान बरामद किए गए माल की कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। इस फैक्ट्री में बिल्कुल असली दिखने वाली ब्रांडेड पैकिंग का इस्तेमाल कर घटिया तंबाकू से सिगरेट तैयार की जा रही थी, जो आम जनता के स्वास्थ्य के लिए जानलेवा साबित हो सकती थी। पुलिस टीम के पहुंचने पर वहां अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मुख्य संचालक तो मौजूद नहीं था, लेकिन पुलिस ने फैक्ट्री के अंदर काम कर रहे चार कर्मचारियों को पकड़ लिया है।
इन कर्मचारियों से सघन पूछताछ की जा रही है ताकि इस अवैध कारोबार की पूरी कार्यप्रणाली और सप्लाई चेन को समझा जा सके। यह गोरखधंधा न केवल लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहा था, बल्कि नामी कंपनियों की साख खराब करने के साथ-साथ सरकार को राजस्व का भी भारी चूना लगा रहा था।
इस पूरे अवैध सिंडिकेट के मुख्य सरगना के रूप में दिल्ली निवासी रवि का नाम प्रमुखता से उभरकर सामने आया है, जो फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस की कई टीमें उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही हैं और उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
जांच अधिकारी अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल करने में जुट गए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि तैयार होने के बाद इस नकली सिगरेट की खेप को मेरठ, दिल्ली-एनसीआर समेत किन-किन राज्यों और स्थानीय बाजारों में खपाया जा रहा था। पुलिस का मानना है कि आरोपी रवि की गिरफ्तारी के बाद इस सिंडिकेट से जुड़े कई बड़े सप्लायरों, ट्रांसपोर्टरों और वितरकों के नामों का भी खुलासा होगा।



