
हरियाणा के फरीदाबाद से गुजरने वाले कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे पर मंगलवार की सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के कई परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया। दर्शन-पूजन के लिए निकली श्रद्धालुओं से भरी एक पिकअप गाड़ी सड़क किनारे खड़े एक ट्रक में पीछे से जा घुसी। इस भीषण टक्कर में 6 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 15 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे का कारण और घटनाक्रम
यह जत्था शुक्रवार को मैनपुरी (यूपी) से अपनी धार्मिक यात्रा पर निकला था। सोमवार शाम राजस्थान स्थित खाटू श्याम और सालासर बालाजी के दर्शन करने के बाद, सभी श्रद्धालु मथुरा-वृंदावन की ओर जा रहे थे। मंगलवार तड़के करीब 5:30 बजे केएमपी एक्सप्रेसवे पर संभवतः पिकअप चालक को नींद की झपकी आ गई, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर सीधे खड़े ट्रक से जा टकराया।
पिकअप को इस तरह तैयार किया गया था कि उसमें नीचे और ऊपर, दोनों जगह यात्रियों के बैठने व सोने की व्यवस्था थी। टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि ऊपर सो रहे यात्री बुरी तरह छिटक कर नीचे आ गिरे। चीख-पुकार सुनकर वहां से गुजर रहे राहगीरों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। सभी घायलों को पलवल के जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
‘मेरा प्यारा भाई चला गया…’- खेत की वो चौपाल अब सूनी
इस हादसे में जान गंवाने वाले 65 वर्षीय विजय चांदा के घर पर हृदय विदारक दृश्य है। उनके बड़े भाई गजराज सिंह गहरे सदमे में हैं और खुद को संभाल नहीं पा रहे हैं। रोते-रोते सिर पीटते हुए वे बस यही दोहरा रहे हैं, “मेरा प्यारा भाई मुझे छोड़कर चला गया। मैं उसे हमेशा अपने सीने से लगाकर रखता था।” दोनों भाइयों का जुड़ाव बहुत गहरा था। फुर्सत के पलों में खेत पर लगे समरसेबल (पंप) के पास बैठकर खेती-किसानी और सुख-दुख की बातें करना उनकी दिनचर्या थी। आज गजराज की आंखों के सामने वही पुरानी जगह और भाई के साथ बिताए पल तैर रहे हैं।
नाती का इंतजार और अधूरा रह गया वादा
विजय अपने इकलौते नाती यश की जान थे। यात्रा पर रवाना होने से पहले बाबा ने मासूम यश से वादा किया था कि वे लौटकर उसके लिए एक ‘कड़ा’ लाएंगे। यश उसी कड़े और अपने बाबा के लौटने की आस में बैठा था। लेकिन कड़े की जगह घर पर बाबा की मौत की मनहूस खबर पहुंची। जिस हाथ में बाबा के दिए कड़े को सजना था, वो हाथ अब हमेशा के लिए खाली रह गया। भाई की कमी और मासूम यश के सिर से उठे साये को देखकर गजराज फफक पड़े और उन्होंने यश को सीने से लगा लिया।
मृतकों की पहचान और पुलिस की कार्रवाई
इस भीषण दुर्घटना में जान गंवाने वालों की पहचान विजय सिंह यादव (65), राजकुमार (40), रेशमा देवी (50), कमला देवी (60), सुधा (45) और महेश (50) के रूप में हुई है। वहीं, सुनील, श्वेता यादव, बीरेश, रूबी, तन्नू, रेखा समेत 15 लोग घायल हैं, जिनका इलाज चल रहा है। सदर थाना प्रभारी हरिकिशन ने बताया कि हादसे के बाद ट्रक का ड्राइवर और पिकअप का चालक (सुधीर) दोनों मौके से फरार हो गए हैं। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और फरार चालकों की सरगर्मी से तलाश कर रही है।




