
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 27 वर्षीय सरकारी स्कूल की शिक्षिका सृष्टि कंडारी (जिन्हें सृष्टि भंडारी के नाम से भी जाना जाता है) की मौत के मामले में सीबी-सीआईडी जांच के आदेश दिए हैं। सृष्टि देहरादून के पास डोईवाला में कथित तौर पर फंदे से लटकी हुई बेहद गंभीर हालत में मिली थीं, जिसके बाद इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी शादी को महज आठ महीने ही हुए थे और उनके पति सौरभ खत्री उत्तराखंड सचिवालय में कर्मचारी हैं।
अपनी जान देने से पहले सृष्टि ने अपनी मां के लिए एक बेहद भावुक और दिल दहला देने वाला वीडियो संदेश छोड़ा था। इस वीडियो में उन्होंने आरोप लगाया था कि पिछले छह महीनों से उनके पति और ससुराल वाले उन्हें भयानक मानसिक प्रताड़ना दे रहे थे, जिसे अब उनके लिए बर्दाश्त करना संभव नहीं था।
सृष्टि की मां सीमा के मुताबिक, उनकी बेटी को दहेज के लिए लगातार ताने दिए जाते थे, उसे ‘मनहूस’ या ‘अशुभ’ कहकर पुकारा जाता था और यहां तक कि ससुर के निधन का जिम्मेदार भी उसी को ठहराया गया था।
सृष्टि की मां द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर डोईवाला पुलिस ने पति सौरभ खत्री, सास परवीना देवी, ननद चारु खत्री और परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ बीएनएस की धारा 80(2) (दहेज हत्या) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।
इस दर्दनाक घटना के बाद देवप्रयाग से भाजपा विधायक विनोद कंडारी (जो सृष्टि के पैतृक क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं) ने मुख्यमंत्री धामी से मिलकर मामले की गहन और निष्पक्ष जांच की मांग की। मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए, मुख्यमंत्री ने तुरंत कड़ा रुख अपनाते हुए गृह सचिव शैलेश बगौली को निर्देश दिया कि इस पूरे प्रकरण की जांच सीबी-सीआईडी को सौंप दी जाए, ताकि पूरी पारदर्शिता के साथ सभी तथ्य और सच्चाई सामने आ सके।



