
छात्रों और युवाओं के मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे सीजेपी (CJP) के नेताओं ने मंगलवार को दिल्ली में भारतीय किसान यूनियन (BKU) के वरिष्ठ नेता राकेश टिकैत से मुलाकात की। इस बैठक में किसानों, छात्रों और युवाओं का एक साझा मंच (संयुक्त मोर्चा) तैयार करने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
शिक्षा और परीक्षा धांधली से जुड़े मुद्दों के बाद अब अपने आंदोलन का दायरा बढ़ाने की दिशा में सीजेपी का यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है। बैठक में सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका समेत संगठन के कई नेता और भारतीय किसान यूनियन के प्रतिनिधि शामिल थे।
बैठक के बाद सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि उनका संगठन केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ एक व्यापक गठबंधन बनाना चाहता है, ताकि देश के किसान, छात्र और युवा एक साथ आकर सरकार को घेर सकें। संगठन ने जंतर-मंतर और अन्य राज्यों में प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर दर्ज हुई एफआईआर (FIR) को वापस कराने के लिए राकेश टिकैत से समर्थन मांगा है।
सीजेपी का आरोप है कि केंद्र और कुछ राज्य सरकारों ने छात्र प्रदर्शनों के दौरान जो आश्वासन दिए थे, उन्हें पूरी तरह लागू नहीं किया गया है। बिहार, पश्चिम बंगाल और राजस्थान जैसे राज्यों में छात्रों पर अब भी पुलिस की कार्रवाई जारी है और दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए हैं।
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब सीजेपी ने पेपर लीक और परीक्षा धांधली के खिलाफ अपना 36 दिनों से चला आ रहा आंदोलन शनिवार को ही खत्म किया था। नीट (NEET) पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, पीड़ित परिवारों को मुआवजे और प्रदर्शनकारियों पर मामले दर्ज न करने की मांग पर सहमति बनने के बाद आंदोलन स्थगित हुआ था।
हालांकि, अब संगठन का कहना है कि सरकार एफआईआर वापस लेने के अपने वादे से मुकर रही है। सीजेपी ने चेतावनी दी है कि यदि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमे जल्द वापस नहीं लिए गए, तो वे किसान संगठनों और युवा समूहों के सहयोग से एक बार फिर से राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे।



