
विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बुधवार को NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में चार्जशीट पर सुनवाई के लिए 3 अगस्त की तारीख तय की। कोर्ट ने सीबीआई को चार्जशीट के सभी अनुलग्नक दाखिल करने के लिए तीन दिन का और समय दिया, क्योंकि रिकॉर्ड बहुत बड़ा है। कोर्ट ने बताया कि चार्जशीट के साथ कोई बयान या दस्तावेजों की सूची दाखिल नहीं की गई है। सीबीआई ने कहा कि रिकॉर्ड बहुत बड़ा है और उसकी स्कैनिंग की जा रही है। NEET UG पेपर लीक मामले में सीबीआई ने राउज़ एवेन्यू कोर्ट को यह भी बताया कि चार्जशीट 20,000 पन्नों की है। अदालत ने गौर किया कि आरोपपत्र के साथ दस्तावेजों, बयानों और सबूतों की एक सूची संलग्न है। अदालत ने सीबीआई से आरोपपत्र में उल्लिखित बयानों और अन्य दस्तावेजों के बारे में जानकारी मांगी।
CBI ने संलग्न दस्तावेजों को दाखिल करने के लिए समय मांगा
सीबीआई ने संलग्न दस्तावेज़ दाखिल करने के लिए समय मांगा। सीबीआई ने अदालत को सूचित किया कि संलग्न दस्तावेज़ों के 20,000 पृष्ठों की स्कैनिंग की जा रही है। राउज़ एवेन्यू कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को निर्धारित है। सीबीआई ने नीट यूजी 2026 परीक्षा के पेपर लीक मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया, जिनमें तीन पेपर विशेषज्ञ, कोचिंग सेंटरों से जुड़े दो लोग, बिचौलिए और कई लाभार्थी उम्मीदवार शामिल हैं।
सीबीआई ने आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और विश्वासघात के आरोप लगाए
सीबीआई ने एक विशेष अदालत के समक्ष दायर अपने आरोप पत्र में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक कदाचार के कथित अपराध और लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत अपराधों के लिए आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, साक्ष्य नष्ट करने और बीएनएस के तहत अन्य आरोपों का आरोप लगाया है। सीबीआई ने आरोपपत्र में 360 गवाहों, 422 दस्तावेजों और 43 भौतिक वस्तुओं का हवाला दिया है। एजेंसी ने कहा, “आरोपपत्र में शामिल सभी 13 व्यक्ति न्यायिक हिरासत में हैं।” एजेंसी ने अपने आरोपपत्र में लीक हुए प्रश्नों के संबंध में डिजिटल फोरेंसिक विश्लेषण रिपोर्ट, लिखावट विशेषज्ञों की राय और शैक्षणिक विशेषज्ञों की राय भी संलग्न की है।



