
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार रात 11:52 बजे एक वीडियो संदेश जारी कर नीट परीक्षा के कथित पेपर लीक विवाद पर सरकार का कड़ा रुख स्पष्ट किया है। अपने संदेश में उन्होंने घोषणा की कि पेपर लीक के मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों के गठन और दोषियों को सख्त सजा देने के प्रावधान वाले एक मसौदा कानून पर शुक्रवार को केंद्रीय कैबिनेट में अहम चर्चा होगी।
प्रधानमंत्री ने देश को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार इस मसौदे को कानून का रूप देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और मौजूदा मानसून सत्र के दौरान ही इसे संसद से जल्द से जल्द पारित कराने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
सोशल मीडिया पर साझा किए गए करीब तीन मिनट के इस वीडियो संदेश में पीएम मोदी ने स्वीकार किया कि परीक्षा के पेपर लीक होने से लाखों छात्रों और उनके माता-पिता को गहरा मानसिक दुख और पीड़ा पहुंची है। उन्होंने साफ किया कि सरकार इन घटनाओं को बहुत गंभीरता से ले रही है और भविष्य में इनसे अधिक प्रभावी ढंग से निपटने के लिए दृढ़ संकल्पित है। प्रधानमंत्री ने इसे कोई मामूली मुद्दा न मानते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले ऐसे अपराधों को जड़ से खत्म करने के लिए सख्त कानूनी ढांचा तैयार करना वक्त की सबसे बड़ी जरूरत है।
कथित नीट पेपर लीक मामले के सामने आने के बाद सरकार की प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सबसे पहली और अहम जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी छात्र का पूरा शैक्षणिक वर्ष बर्बाद न हो। इसके लिए बिना किसी देरी के परीक्षाएं आयोजित कराना बेहद जरूरी था। उन्होंने बताया कि सरकार ने अपने पूरे प्रशासनिक तंत्र को पूरी क्षमता के साथ झोंकते हुए सबसे कम समय में लगभग 22 लाख छात्रों के लिए सफलतापूर्वक पुनर्परीक्षा आयोजित की। इसके साथ ही 19 जुलाई को परीक्षा के परिणाम भी घोषित कर दिए गए, और अब देशभर से सफल उम्मीदवारों की खुशियों की खबरें आ रही हैं।
पीएम मोदी ने बताया कि कथित पेपर लीक में शामिल लोगों के खिलाफ सरकार पहले ही कड़ी कार्रवाई कर चुकी है और कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार केवल इतने भर से संतुष्ट होने वाली नहीं है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, उन्होंने संबंधित विभागों को फास्ट-ट्रैक अदालतों के लिए कड़े प्रावधान तैयार करने का विशेष निर्देश दिया था, जिसके बाद अधिकारियों ने दिनभर काम करके गुरुवार देर रात उन्हें एक मसौदा कानून सौंप दिया है। इस नए ड्राफ्ट में दोषियों के लिए सख्त सजा और फास्ट-ट्रैक कोर्ट के गठन के प्रावधान शामिल हैं, जिन्हें शुक्रवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में विचार-विमर्श के लिए रखा जाएगा।
कैबिनेट सहयोगियों के सुझावों को शामिल करने के बाद इस विधेयक को अंतिम रूप दिया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र के दूसरे सप्ताह में ही सरकार इस बिल को दोनों सदनों में पेश कर इसे कानून बनाने का पूरा प्रयास करेगी। प्रधानमंत्री की यह महत्वपूर्ण घोषणा ऐसे समय में आई है जब कथित नीट पेपर लीक को लेकर देशभर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और संसद में भी लगातार हंगामा जारी है।
विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है। वहीं, सरकार का कहना है कि उसने न केवल जिम्मेदार लोगों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की है, बल्कि भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए बड़े कानूनी और संस्थागत सुधार भी करने जा रही है।




