
राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए हिंसक प्रदर्शनों और भीड़ द्वारा संसद भवन की तरफ बढ़ने की कोशिश के बाद, दिल्ली पुलिस पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गई है। सुरक्षा व्यवस्था में भविष्य में कोई भी चूक न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए सिंघु, टिकरी, औचंदी और बाहरी दिल्ली के अन्य सभी सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा के बेहद कड़े और अभूतपूर्व बंदोबस्त किए गए हैं। इन क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बलों की भारी तैनाती के साथ ही ‘मल्टी-लेवल’ यानी बहु-स्तरीय निगरानी प्रणाली लागू कर दी गई है।
सोमवार को नई दिल्ली के विभिन्न इलाकों में हुए हंगामे से सबक लेते हुए, दिल्ली पुलिस अब किसी भी तरह का जोखिम उठाने के मूड में नहीं है। कानून-व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए सीमाओं पर सख्ती काफी अधिक बढ़ा दी गई है। हरियाणा सीमा से सटे सिंघु, टिकरी, औचंदी बॉर्डर के अलावा दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के ढांसा, कपासहेड़ा, नजफगढ़ और राजधानी में प्रवेश करने वाले अन्य सभी प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा का घेरा पहले से कहीं अधिक मजबूत कर दिया गया है। पुलिस द्वारा जगह-जगह अस्थायी बैरिकेड्स लगाए गए हैं और राजधानी में दाखिल होने वाले हर वाहन तथा संदिग्ध व्यक्ति की गहनता से तलाशी ली जा रही है, ताकि किसी भी बड़े समूह या उपद्रवियों को दिल्ली में एक साथ प्रवेश करने से रोका जा सके।
सीमाओं पर कानून-व्यवस्था को और अधिक अभेद्य बनाने के लिए केवल स्थानीय पुलिस ही नहीं, बल्कि अतिरिक्त सुरक्षा बलों को भी मोर्चे पर लगाया गया है। हरियाणा बॉर्डर पर भी इसी तरह के पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं। संभावित किसी भी हिंसक स्थिति को तत्काल काबू में करने के लिए दंगा नियंत्रण वाहनों को भी तैनात किया गया है।
इसके अलावा सीमाओं पर पैरामिलिट्री फोर्सेज (अर्धसैनिक बलों) की टुकड़ियों को भारी संख्या में तैनात किया गया है। इसके साथ ही, किसी भी आपात स्थिति से तुरंत और प्रभावी ढंग से निपटने के लिए क्विक रिएक्शन टीमों (क्यूआरटी) को हर समय पूरी तरह से मुस्तैद रखा गया है।
सूत्रों के मुताबिक, नई दिल्ली की घटना के तुरंत बाद पुलिस के शीर्ष अधिकारियों ने सुरक्षा रणनीति की गहन समीक्षा की है। विशेषकर उन रास्तों पर गश्त बढ़ा दी गई है, जहां से बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी राजधानी में घुसपैठ कर सकते हैं। पुलिस की विशेष टीमें सीमावर्ती इलाकों में लगातार पेट्रोलिंग कर रही हैं और खुफिया इकाइयों (इंटेलिजेंस यूनिट्स) को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर अपनी पैनी नज़र बनाए रखें। बाहरी दिल्ली के सभी संवेदनशील इलाकों, प्रमुख चौराहों, बस स्टैंड्स और मेट्रो स्टेशनों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई है।
जमीनी हकीकत पर चौबीसों घंटे नज़र रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ हाई-टेक ड्रोन्स का भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि किसी भी विपरीत परिस्थिति या आपातकालीन स्थिति को पनपने से पहले ही पूरी तरह से निष्प्रभावी किया जा सके।



