
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की क्लास 12 की उत्तरपुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन (OSM) प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि बोर्ड ने टेंडर में नियम बदलकर एक खास कंपनी को फायदा पहुंचाया और उत्तरपुस्तिकाओं को मोबाइल फोन से स्कैन किया गया।
राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, “CBSE के मई 2025 के टेंडर में ऑटोमैटिक रोबोटिक स्कैनर, 300 DPI और स्पाइन सुरक्षित रखने का प्रावधान था। अगस्त में दोबारा जारी टेंडर में इन सभी शर्तों को हटा दिया गया। अब सामने आया है कि COEMPT Edu Teck ने मोबाइल फोन से उत्तरपुस्तिकाएं स्कैन कीं। धुंधली कॉपी, गायब पन्ने, अनचेक किए गए जवाब… ये गलतियां नहीं, बल्कि फ्रॉड का नतीजा हैं।”
छात्रों में आक्रोश
परिणाम घोषित होने के बाद छात्रों ने धुंधली स्कैन, गायब पन्ने और गलत मार्किंग की शिकायतें कीं। पास प्रतिशत 88.39% से घटकर 85.2% रह गया, जबकि कंपार्टमेंट केस बढ़ गए। कई छात्रों को गलत उत्तरपुस्तिकाएं दिखाई गईं।
CBSE का जवाब
CBSE ने कुछ पोर्टल में सुरक्षा कमजोरियों को स्वीकार किया है और आईआईटी व सरकारी विशेषज्ञों की मदद से सिस्टम को मजबूत करने का दावा किया है।



