
देश में NEET परीक्षा के पेपर लीक का मामला जब जोर पकड़ रहा है , उसी दौरान शनिवार को यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट ने सुप्रीम कोर्ट में NTA को भंग करने की मांग करते हुए एक याचिका दायर की। याचिका में मांग की गई है कि सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के तहत स्थापित मौजूदा राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) को भंग कर दिया जाए और संसद के अधिनियम के माध्यम से एक नया वैधानिक ढांचा तैयार किया जाए।
याचिका में केंद्र सरकार को संसद में एक वैधानिक राष्ट्रीय परीक्षण निकाय की स्थापना के लिए कानून बनाने का निर्देश देने की भी मांग की गई है, जिसे स्पष्ट कानूनी अधिकार, पारदर्शिता के मानदंड और संसद के प्रति जवाबदेही प्रदान की जाए। यह याचिका याचिकाकर्ता यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (यूडीएफ) द्वारा संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर की गई है, जो एक पंजीकृत संगठन है। इसमें एनईटी-यूजी 2026 के संचालन में “प्रणालीगत और विनाशकारी विफलता” का आरोप लगाया गया है और परीक्षा प्रणाली में संरचनात्मक सुधारों की मांग की गई है




