
हरियाणा में युवाओं के बीच हार्ट अटैक से मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कोरोना महामारी के बाद से राज्य में 18 से 45 वर्ष के 17,973 युवाओं की हार्ट अटैक या हार्ट फेलियर से मौत हो चुकी है। ये आंकड़े हरियाणा विधानसभा में पेश सरकारी रिपोर्ट से सामने आए हैं।
बजट सत्र के दौरान जुलाना की कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट ने सवाल उठाया था कि 2020 से अब तक इस उम्र वर्ग में कितनी मौतें हुईं और क्या इनका कोरोना संक्रमण या टीकाकरण से संबंध है। स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने लिखित जवाब में वर्षवार आंकड़े दिए:
- 2020: 2,394 मौतें
- 2021: 3,188 मौतें
- 2022: 2,796 मौतें
- 2023: 2,886 मौतें
- 2024: 3,063 मौतें
- 2025: 3,255 मौतें
- जनवरी 2026: 391 मौतें
कुल मिलाकर 17,973 मौतें दर्ज हुईं। औसतन हर रोज करीब 8 युवा इस वजह से जान गंवा रहे हैं। सरकार ने स्पष्ट किया कि इन मौतों का कोरोना टीकाकरण से कोई संबंध नहीं पाया गया, इसलिए कोई विशेष सर्वेक्षण नहीं किया गया।
जनवरी 2026 में सबसे अधिक मौतें यमुनानगर (71), फरीदाबाद (43), पलवल (37), नूंह (36) और सिरसा (35) में हुईं। रोहतक, हिसार और अंबाला में इस महीने कोई मौत दर्ज नहीं हुई।
ये आंकड़े जीवनशैली, तनाव और अन्य कारकों की ओर इशारा करते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि युवाओं में हार्ट अटैक अब आम हो रहा है, जिससे जागरूकता और रोकथाम की जरूरत है।



