
प्रधानमंत्री मोदी की इजराइल यात्रा का दूसरा दिन यद वाशेम के दर्शन से शुरू होगा, जो इजराइल का आधिकारिक होलोकॉस्ट स्मारक है। इस स्मारक की स्थापना 1953 में नाजियों द्वारा मारे गए छह मिलियन यहूदियों को श्रद्धांजलि देने के लिए की गई थी। इसके बाद वे इजराइली राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोपहर बाद, प्रधानमंत्री मोदी और उनके इजरायली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू दोपहर लगभग 2:40 बजे प्रतिनिधिमंडल स्तर की चर्चा के लिए मिलेंगे, जिसके बाद समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान और संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी की जाएगी। शाम 4 बजे, प्रधानमंत्री मोदी इजरायल में रहने वाले भारतीय प्रवासियों से बातचीत करेंगे और फिर शाम 5:50 बजे नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, रक्षा और सुरक्षा सहयोग प्रमुखता से चर्चा में रहेगा, जिसमें भारत की स्वदेशी वायु रक्षा प्रणाली, सुदर्शन चक्र और इज़राइल की आयरन डोम तकनीक पर संभावित सहयोग शामिल है। द्विपक्षीय निवेश समझौते और चल रही मुक्त व्यापार समझौते की वार्ताओं के आधार पर आर्थिक संबंध, नवाचार, व्यापार और निवेश भी फोकस के प्रमुख क्षेत्र होंगे। इससे पहले बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी ने यरुशलम में स्थित नेसेट (इजरायली संसद) के विशेष पूर्ण सत्र को संबोधित किया और इस तरह वे इजरायली संसद को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन गए। उन्हें संसद का सर्वोच्च सम्मान, स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल से भी सम्मानित किया गया।



