
उत्तर प्रदेश में बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के लखनऊ, बलिया और अन्य ठिकानों पर आयकर विभाग ने छापेमारी की। कैंसर से पीड़ित विधायक उमाशंकर सिंह (रसड़ा सीट से विधायक) गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं और लखनऊ में इलाज करा रहे हैं।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने X पर पोस्ट कर कहा कि उमाशंकर सिंह ने बसपा में शामिल होने के बाद पूरी ईमानदारी और निष्ठा से जिम्मेदारी निभाई है। उनके खिलाफ कभी कोई अवैध संपत्ति या गलत कार्य की शिकायत नहीं आई। वे क्षेत्र में सम्मानित हैं और उनकी छवि साफ रही है।
मायावती ने कहा, “पिछले दो वर्षों से वे गंभीर बीमारी से लड़ रहे हैं। ऐसे समय में IT विभाग की कार्रवाई विवादास्पद, दुर्भाग्यपूर्ण और मानवता के खिलाफ है। यदि कोई शिकायत थी तो उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इलाज के बाद पूछताछ की जा सकती थी।”
उन्होंने जोर दिया कि सरकारी विभागों में दखल नहीं देना चाहते, लेकिन इस तरह की टाइमिंग बेहद गलत है। विधायक को न्याय और समझ की जरूरत है ताकि वे बीमारी से उबरकर काम जारी रख सकें।
छापेमारी में कई घंटे तक चली, नकदी और दस्तावेज जब्त किए गए। यह कार्रवाई राजनीतिक हलकों में विवाद का विषय बन गई है।



