
भोपाल| मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल के दो वरिष्ठ सदस्य गृहमंत्री बाबूलाल गौर और लोक निर्माण मंत्री सरताज सिंह ने काफी ना-नुकुर और अपनी नाराजगी जताने के बाद पार्टी द्वारा तय किए गए दिशा निर्देशों को मानते हुए गुरुवार को आखिरकार अपने पद से इस्तीफा दे दिया। दोनों ने ही अपने इस्तीफे मुख्यमंत्री चौहान को भेज दिए हैं।
शिवराज सिंह के मंत्रिमंडल से विरोध के बाद दिया इस्तीफ़ा
ज्ञात हो कि भाजपा ने 70 वर्ष की उम्र पार कर चुके दो मंत्रियों सरताज सिंह चौहान व बाबू लाल गौर से इस्तीफा देने के निर्देश दिए थे। इस बात का दोनों मंत्रियों ने विरोध किया और बाद में इस्तीफा दे दिया। इस बात की पुष्टि स्वयं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने संवाददाताओं से चर्चा के दौरान की है।
इससे पहले गुरुवार को हो रहे मंत्रिमंडल विस्तार से पहले बुजुर्ग मंत्री सरताज सिंह के पास पार्टी हाईकमान का इस्तीफा देने संबंधी संदेश लेकर पहुंचे पार्टी के प्रदेश प्रभारी डॉ. विनय सहस्रबुद्धे और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान को खरी-खरी सुननी पड़ी थी। सरताज सिंह ने नेताओं से कहा दिया कि पार्टी हाईकामन को भी उनका संदेश पहुंचा दें कि चुनाव में जीत उम्र नहीं काम दिलाती है।
पार्टी हाईकमान का संदेश लेकर गुरुवार की सुबह पार्टी के प्रदेश प्रभारी सहस्रबुद्धे और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भोपाल पहुंचे थे। मुख्यमंत्री आवास पर गहन मंथन हुआ, नए बनाए जाने वाले मंत्रियों के नामों पर चर्चा हुई। वहीं बुजुर्ग मंत्रियों बाबूलाल गौर और सरताज सिंह को हटाने पर भी चर्चा हुई।
उसके बाद सहस्रबुद्धे और पार्टी प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान गृहमंत्री गौर और सरताज सिंह के आवास पर पहुंचे। उन्हें पार्टी हाईकमान का संदेश देते हुए इस्तीफा देने को कहा, मगर सरताज ने उन्हें खरी-खरी सुना डाली।
सरताज ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि उनसे हाईकमान के संदेश के आधार पर इस्तीफा देने को कहा। इस पर उन्होंने दोनों नेताओं से साफ कह दिया कि पार्टी हाईकमान का आदेश सवरेपरि है, मगर उनकी बात को भी हाई कमान तक भेज दें।
उन्होंने दोनों नेताओं से कहा है कि चुनाव उम्र नहीं जिताती, बल्कि नेता की सक्रियता और कार्यप्रणाली दिलाती है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने गुरुवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर नौ नए चेहरों को शामिल किया और दो बुजुर्ग मंत्री सरताज सिंह व बाबूलाल गौर को मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया। दोनों बुजुर्ग मंत्रियों ने आलाकमान के निर्देश पर अपना इस्तीफा सौंप दिया है।
सरताज सिंह ने उम्र को लेकर चल रही चर्चाओं पर प्रतिप्रश्न करते हुए कहा है कि वह सरकार के उन मंत्रियों में से हैं, जिन्होंने सर्वाधिक दौरे किए हैं, अगर उम्र काम मे बाधक होती तो ऐसी स्थिति नहीं होती।
वहीं गृहमंत्री गौर ने कहा कि उन्हें पार्टी का निर्देश हुआ था, उसका पालन करते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।