
अहमदाबाद। गुजरात के पूर्व आईपीएस व कमिश्नर रहे डीजी वंजारा हिन्दुत्व का नया चेहरा बनते जा रहे हैं। इशरत जहां और सोहराबुद्दीन फर्जी एनकाउंटर मामले में वंजारा नौ साल बाद जेल से बाहर आए हैं। बीते दो महीने में गुजरात के तमाम हिन्दू संगठन उनके लिए सम्मान समारोह आयोजित कर रहे हैं।
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डीजी वंजारा की नयी पारी
हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक 60 लोगों की एक संस्था अभिनव भारत राष्ट्रवादी हिंदूू संगठन आज अमरैली में डीजी वंजारा के सम्मान में बाइक रैली का आयोजन करने जा रही है। वहीं दूसरी तरफ दो साल पहले बना एक संगठन वंजारा को सिक्कों से तौलने की तैयारी कर रहा है।
गांधीनगर में रह रहे वंजारा जब से जमानत पर छूटकर आए हैं, विवादास्पद बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने बीते दिनों सूरत के एक कार्यक्रम में सरदार पटेल की प्रतिमा के आगे खिलौने वाली बंदूक रख दी थी। इसी कार्यक्रम में उन्होंने ये भी कहा था कि अगर गुजरात पुलिस ने अगर एनकाउंटर नहीं किया होता तो आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज जिंदा नहीं होते।
5 जून को वंजारा ने सूरत के वराछा इलाके में सरदार वल्लभभाई पटेल की मूर्ति पर खिलौने वाली बंदूक और पेन वाली माला चढ़ाई। इसे लेकर पटेल समुदाय में रोष है। वंजारा रविवार को सूरत पहुंचे थे। उन्हें आसाराम के समर्थकों द्वारा संचालित एक एनजीओ की ओर से आमंत्रित किया गया था।
हाल के एक इंटरव्यू में जेल से छूटने के मोदी कनेक्शन पर वंजारा ने कहा, किसी से कोई डील नहीं हुई। समय बदला है। अब नरेंद्र भाई प्रधानमंत्री बन गए हैं। अमित भाई पार्टी के मुखिया। मुझे जमानत न्याय प्रक्रिया और सबूतों के बल पर मिली है। बाकी सब सिर्फ संयोग है।