बैंकों पर अनावश्यक कार्रवाई कर रही एजेंसियां, लग सकता है रेटिंग पर बट्टा!
नई दिल्ली | उद्योग संगठन एसोचैम ने रविवार को कहा कि पिछले महीने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में उजागर हुई 12,600 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के बाद बैंकों और जांच एजेंसियों की ओर से की जा रही अनावश्यक कार्रवाई से व्यापार को आवश्यक साख अदायगी प्रभावित हो सकती है।
उद्योग संगठन एसोचैम की आशंका
एसोचैम के महासचिव डी. एस. रावत ने एक बयान में कहा, “प्रकाश में आए कथित घोटाले और मीडिया की सुर्खियों के बाद बैंकों में सावधानी बरती जा रही है जबकि विनियामकों पर सख्त कार्रवाई करने का कथित दबाव है।”
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उन्होंने कहा, “विदित समस्या और शोर-गुल के स्तर को न्यायोचित ठहराया जा सकता है लेकिन इससे भरोसे में भारी कमी आ सकती है।”
उन्होंने आगे कहा “इसलिए यही वक्त है कि व्यापक अंकुश लगाया जाए और प्रतिकूल परिस्थिति का उपयोग व्यवस्थागत मसले को हल करने के मौके के तौर पर किया जा सकता है।”
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एसोचैम के मुताबिक, बैंकों, विनियामकों, सरकार और भारतीय कारोबारियों द्वारा पीएनबी की कथित धोखाधड़ी से समानांतर क्षति को सीमित करने के लिए कदम उठाना चाहिए।