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अब SMS से मिलेगी राजस्व से जुड़े मुकदमों के लिए पेशी की तारीख

राजस्व से जुड़ेलखनऊ। राजस्व से जुड़े लंबित मुकदमों में अब पेशी की तारीख लेने के लिए कलेक्ट्रेट या तहसील के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। दिसंबर से केस से जुड़ी जानकारियां संबंधित पक्ष को एसएमएस के जरिए भेजी जाएंगी। अब तक रेवेन्यू केस मैनेजमेंट सिस्टम के तहत जिले के सभी राजस्व न्यायालय के ऑफिस में वर्षों से पेंडिंग चल रहे जमीन, जायजाद और मकानों के लगभग 60 फीसदी केस का ब्योरा ऑनलाइन कर लिया गया है।

राजस्व के सभी मुकदमों को ऑनलाइन करने का काम तेजी से किया जा रहा है। ताकि निस्तारण में तेजी लाई जा सके। साथ ही लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए राजस्व के मुकदमों के दोनों पक्ष के मोबाइल नंबर भी फीड किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन का दावा है कि अब तक सभी केसों से जुड़े हुए दोनों पक्षों के लगभग 53 फीसदी मोबाइल नंबर फीड किए जा चुके हैं। अब इन केसों का स्टेट्स भी ऑनलाइन दिखेगा और राजस्व से जुड़े मामले भी तेजी से निपटेंगे।

एसडीएम और तहसील में नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन सहित जमीन और मकानों से जुड़े करीब 4000 से ज्यादा केस पेंडिंग हैं। मॉनिटरिंग नहीं होने की वजह से ये केस एसडीएम और तहसीलदारों की कोर्ट में चलते आ रहे हैं। प्रकरणों के ऑनलाइन होने से दोनों पक्ष केस का स्टेटस कभी भी देख सकेंगे। साथ ही पेशी के दौरान हुई कार्रवाई भी ऑनलाइन ही फीड की जाएगी। पेशी, दस्तावेज, गवाह और अफसरों की रिपोर्ट भी ऑनलाइन देखी जा सकेगी। जमीन और प्लॉट के नामांतरण के प्रकरण वर्षों से पेंडिंग चल रहे हैं। इन केसों में सभी पक्षों को सुनने के बाद भी फैसला नहीं सुनाया जाता है। ऐसे में इन प्रकरणों के ऑनलाइन होने से नामांतरण और बंटवारे के प्रकरणों को निपटाने में तेजी आएगी।

अब नहीं काटने पड़ेंगे चक्कर

जमीन व मकानों के पेंडिंग केस ऑनलाइन करने का काम तेजी से किया जा रहा है। केस का स्टेटस भी ऑनलाइन देखा जा सकेगा। नई व्यवस्था में नामांतरण, खसरा, खतौनी, सीमांकन के लिए चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सदर तहसील और बीकेटी के अलावा मोहनलालगंज तहसील में जल्द ही सभी राजस्व केसों को ऑनलाइन करने का काम पूरा कर लिया जाएगा।

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