यहां बेखौफ कराते हैं बाल‍ विवाह

जयपुर। यहाँ न किसी को क़ानून का डर है और न पुलिस का। बाल विवाह को लेकर पुलिसिया कार्रवाई से बिलकुल बेख़ौफ़ ये लोग मासूम बच्चों को शादी जैसे बंधन में बांधने को तैयार है। नौ मई को अक्षय तृतीय की तिथि पर शादी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। साथ ही कार्ड छापने वाले, लोगों को बाल विवाह कराने के लिए नई-नई जुगत सुझाने में लगे हुए हैं।

बाल विवाह की कार्रवाई से बेख़ौफ़ है यह लोग

बाल विवाह

इसका खुलासा राजस्थान पत्रिका के स्टिंग में हुआ। इस स्टिंग के मुताबिक़ बांसवाड़ा शहर में प्रिंटिंग प्रेस के संचालक नाबालिगों की शादी के कार्ड लगातार छापते रहे हैं।

उनका कहना है कि उन्हें आगे भी कार्ड छापने में कोई डर नहीं है। स्टिंग के दौरान यह भी पता चला कि कार्ड छापने वाले बिना किसी प्रमाणिक दस्तावेज के ही शादी का कार्ड छापने के लिए तैयार हो जाते हैं।

शादी कराने के बताते है नये-नये तरीके

प्रिंटिंग प्रेस के संचालकों का कहना है कि हमे जन्म प्रमाण पत्र और दस्तावेजों से क्या लेना देना है। हमे तो बस शादी का कार्ड छापना है।

अब वह बच्चे की हो या किसी बूढ़े की, हमें काम मिलना चाहिए। उनका यह भी कहना है की हमारे यहां कोई चेकिंग करने नहीं आता है। अगर आ गया तो 500 रूपये दे दो तो लौट जाते हैं।

काम निकालने के लिए बदलते है लोगों का दिमाग,जिम्मेदार होंगे लड़की वाले

ये संचालक अपना काम बनाने के लिए उन लोंगों का भी दिमाग बदलते हैं, जिनमें बाल विवाह करने पर सजा मिलने का डर है।

प्रिंटिंग प्रेस के मालिक बताते हैं कि अगर कोई कार्रवाई होती है तो उसके जिम्मेदार लडकी वाले होंगे, जो अपनी कम उम्र की बेटी की शादी कर रहे हैं। आप कौन सा उनकी नाबालिग बेटी जबरदस्ती उठाये ला रहे हैं।

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