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डोनाल्ड ट्रंप और सीआईए आमने-सामने, एक समझौता टूटने से छिड़ सकती है जंग

खुफिया एजेंसी सीआईएवाशिंगटन| अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के निदेशक ने नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान परमाणु समझौता रद्द करने के खिलाफ चेतावनी दी है। ट्रंप को सबसे रूखे और स्पष्ट सार्वजनिक चेतावनी में जॉन ब्रेन्नन ने बीबीसी से कहा कि समझौते को खारिज करना ‘विनाशकारी’ होगा।

उन्होंने कहा, “इससे ईरान के अंदर हथियार कार्यक्रम शुरू होगा, जिससे इस क्षेत्र के अन्य देश अपना कार्यक्रम प्रारंभ करने में लग जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि समझौते को तोड़ना मूर्खता की हद होगी।”

खुफिया एजेंसी सीआईए की ट्रंप को चेतावनी

सीआईए के निदेशक की ओर से अमेरिका की सत्ता संभालने जा रहे ट्रंप प्रशासन को यह असामान्य सार्वजनिक चेतावनी ऐसे समय में आई है, जब ट्रंप ने लेफ्टिनेंट जनरल माइकल फ्लाइन को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और सांसद माइक पोंपियो को सीआईए का प्रमुख नियुक्त करने के लिए चुना है। दोनों ही ईरान परमाणु करार को लेकर कड़ा रुख रखने वालों में हैं।

अपने चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप ने बार-बार ईरान से हुए परमाणु करार की आलोचना की थी। उन्होंने इसे अबतक हुए किसी भी समझौते में सबसे खराब करार दिया था।

तब ट्रंप ने कहा था कि वह ईरान पर फिर से बातचीत करने के लिए दबाव डालेंगे या इस समझौते के खारिज होने का खतरा रहेगा।

ईरान और अमेरिका, ब्रिटेन, चीन, रूस, फ्रांस और जर्मनी छह अन्य प्रमुख देशों के बीच वर्ष 2015 की जुलाई में ईरान के परमाणु मुद्दे पर करार हुआ था, जिसके बाद ईरान पर लगे प्रतिबंधों से राहत मिलने की राह खुली थी। बदले में ईरानी परमाणु कार्यक्रम को सीमित कर दिया गया था।

इस समझौते में ईरान की परमाणु गतिविधियों पर यह पाबंदी लगाई गई थी कि ईरान परमाणु हथियार निर्माण के लिए पर्याप्त आण्विक सामग्री पैदा करने में कम से कम एक साल और लगाएगा और ईरान के अंदर अपने परमाणु संयंत्रों की नियमित जांच करने की इजाजत देगा।

इसके बदले में अमेरिका और यूरोपीय संघ ईरान के खिलाफ परमाणु से जुड़े प्रतिबंध स्थगित करेंगे। इसमें यह भी था कि वे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रतिबंध के सारे संकल्प हटा लिए जाएंगे।

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