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किसानों की आय दोगुनी करने के प्रयास में सरकार

नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए केंद्र सरकार अनाज का उत्पादन बढ़ाने, लागत कम करने तथा किसानों की आमदनी के अन्य साधनों को खोलने के साथ उनकी उपज की उचित मार्केटिंग का जी तोड़ प्रयास कर रही है। कृषि मंत्री ने गुरुवार को यहां एसोचैम द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम ‘किसानों को बाजार से कैसे जोड़ा जाए’ में कही।

किसानों की आय

सिंह ने कहा कि अब यह जरूरी हो गया है कि बाजार, किसान की पहुंच के अंदर हो और उनके और उपभोक्ताओं के बीच कोई बिचौलिया नहीं हो, उपज का मूल्य पारदर्शी तरीके से तय हो और किसान को उनकी उपज का अविलंब भुगतान हो।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार देश भर में एक ऐसा ढांचा खड़ी कर रही है, जिसमें बाजार सीधे खेत से जुड़ जाएंगे और उपभोक्ता सीधे किसान के खेत से उपज खरीद सकेंगे।

कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों को उनकी उपज की अच्छी कीमत दिलाने के लिए पहले ही राष्ट्रीय कृषि बाजार यानी ई-नाम इस साल अप्रैल में लांच कर चुकी है। ई-नाम पोर्टल से मार्च, 2018 तक कुल 585 मंडियों को जोड़े जाने की योजना है।

सितंबर-2016 तक 200 मंडियों के लक्ष्य के सापेक्ष 10 राज्यों की 250 मंडियों को ई-नाम से जोड़ दिया गया है। उन प्रदेशों की मंडिया ई-नाम से जुड़ सकती हैं, जिन्होंने अपने विपणन कानूनों में तीन सुधार कर लिए हैं – ई ट्रेडिंग की व्यवस्था, एकल बिंदु पर मंडी शुल्क की उगाही और सिंगल लाइसेंस से पूरे प्रदेश में व्यापार।

दो प्रमुख राज्य बिहार और केरल कोई मंडी कानून न होने से अभी ई-नाम परियोजना से नहीं जुड़ पा रहे हैं। कृषि मंत्री ने इन राज्यों की सरकारों से किसान हित में मंडी कानून बनाकर ई-नाम परियोजना से जोड़ने का अनुरोध किया है।

उन्होंने कहा कि ई-नाम की इस नई व्यवस्था में अब किसान कहीं भी बैठकर ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिए अपनी फसल बेच सकता है तथा इसके जरिए वह उपज की गुणवत्ता के अनुसार उत्तम मूल्य प्राप्त कर सकता है। यदि उसे मूल्य पसंद न हो तो वह ऑनलाइन की गई सर्वोच्च बोली खारिज भी कर सकता है। किसान को ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था भी है।

इसके अतिरिक्त किसानों को उपभोक्ताओं से सीधे जोड़ने के लिए वर्तमान सरकार किसानों के खेत से उत्पाद की सीधी खरीद को प्रोत्साहित कर रही है। इसके लिए 22 राज्यों ने अपने विपणन कानूनों में बदलाव भी कर लिया है।

कृषि मंत्री ने जानकारी दी कि देश में कृषि उपज का विपणन, राज्य सरकारों की विनियमित मंडियों के माध्यम से किया जाता है, जिनकी कुल संख्या 6746 है। उन्होंने कहा कि वैसे तो किसानों पर गठित राष्ट्रीय आयोग की सिफारिश के अनुसार, 80 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में एक मंडी होनी चाहिए, लेकिन वर्तमान में लगभग 580 वर्ग किलोमीटर में एक मंडी है।

मंडियों की संख्या बढ़ाने के लिए सरकार मंडी कानून में सुधार करवाकर निजी क्षेत्र की मंडियां स्थापित करवाने का प्रयास कर रही है। अब तक 21 राज्यों ने इस संबंध में अपने विपणन कानूनों में सुधार कर लिया है।

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